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1998 काले हिरण शिकार मामला: सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम की बरी होने के खिलाफ राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट का रुख किया

राजस्थान सरकार ने 1998 काले हिरण शिकार मामले में सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम की बरी होने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की। जस्टिस मनोज कुमार गर्ग ने अगली सुनवाई 28 जुलाई 2025 तय की।

Shivam Y.
1998 काले हिरण शिकार मामला: सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम की बरी होने के खिलाफ राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट का रुख किया

राजस्थान सरकार ने 1998 काले हिरण शिकार मामले में बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम की ट्रायल कोर्ट से हुई बरी के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की है। यह अपील स्पष्ट करती है कि राज्य सरकार 2018 में दिए गए फैसले से संतुष्ट नहीं है।

“मामले को 28.07.2025 को आरोपी सलमान खान द्वारा दायर आपराधिक अपील के साथ सूचीबद्ध किया जाए।”— जस्टिस मनोज कुमार गर्ग, राजस्थान हाईकोर्ट

जस्टिस मनोज कुमार गर्ग ने 16 मई 2025 को इस मामले की सुनवाई की और अगली सुनवाई के लिए 28 जुलाई 2025 की तारीख तय की। यह सुनवाई अभिनेता सलमान खान द्वारा उनकी सजा के खिलाफ दायर अपील के साथ की जाएगी।

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यह मामला अक्टूबर 1998 का है, जब अभिनेता हम साथ साथ हैं फिल्म की शूटिंग के लिए जोधपुर के पास थे। शूटिंग के दौरान भगोड़ा की ढाणी, मथानिया गांव में दो काले हिरणों का शिकार किया गया, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 में संरक्षित प्रजाति हैं।

2018 में जोधपुर सत्र न्यायालय ने सलमान खान को काले हिरणों के शिकार का दोषी पाया और उन्हें सजा सुनाई, जबकि सह-कलाकार सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम को सबूतों की कमी के चलते बरी कर दिया गया। सलमान खान ने अपनी सजा के खिलाफ एक अलग आपराधिक अपील दायर कर रखी है, जो अभी विचाराधीन है।

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“काला हिरण एक संरक्षित प्रजाति है। विश्नोई समुदाय, जो वन्यजीव संरक्षण में दृढ़ विश्वास रखता है, ने ही मूल शिकायत दर्ज करवाई थी।”

वन संरक्षण को लेकर अपनी आस्था के लिए पहचाने जाने वाले विश्नोई समुदाय ने इस मामले को कानूनी रूप से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। उनकी प्रतिबद्धता के चलते यह मामला दो दशकों से अधिक समय से न्यायिक प्रक्रिया में बना हुआ है।

राज्य सरकार की अपील और लंबित आपराधिक अपील यह दर्शाते हैं कि यह मामला कानूनी और सामाजिक रूप से अब भी महत्वपूर्ण है। अब जब दोनों अपीलों की संयुक्त सुनवाई होगी, तब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि न्यायालय क्या निर्णय देता है।

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अदालत के 16 मई 2025 के आदेश से उद्धरण:

“मामले को 28.07.2025 को आरोपी सलमान खान द्वारा दायर आपराधिक अपील के साथ सूचीबद्ध किया जाए।”— जस्टिस मनोज कुमार गर्ग

अब 28 जुलाई 2025 की अगली सुनवाई की तारीख इस बात का निर्धारण करने में महत्वपूर्ण होगी कि बरी किए गए आरोपियों की स्थिति बनी रहेगी या बदलेगी, और सलमान खान की सजा को बरकरार रखा जाएगा या खारिज किया जाएगा।

केस का शीर्षक: राज्य बनाम सैफ अली

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