भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक सेवा विवाद मामले में अहम फैसला सुनाते हुए एक वरिष्ठ वैज्ञानिक की अपील को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि संबंधित प्राधिकरण द्वारा लिया गया निर्णय नियमों के अनुरूप था और उसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला सदाचारी सिंह तोमर बनाम संघ सरकार एवं अन्य से जुड़ा है। अपीलकर्ता ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उन्हें असिस्टेंट डायरेक्टर जनरल (एडीजी-एआरआईएस) पद से हटाकर उनके पूर्व पद सीनियर साइंटिस्ट पर वापस भेज दिया गया था।
रिकॉर्ड के अनुसार, अपीलकर्ता ने वर्ष 1978 में वैज्ञानिक के रूप में सेवा शुरू की थी और बाद में पदोन्नति पाकर सीनियर साइंटिस्ट बने। चयन प्रक्रिया के बाद उन्हें वर्ष 1998 में एडीजी-एआरआईएस पद पर नियुक्त किया गया था, जिसकी अवधि पांच वर्ष निर्धारित थी।
हालांकि, वर्ष 2001 में आईसीएआर ने उनका कार्यकाल बीच में ही समाप्त करते हुए उन्हें उनके पुराने पद पर वापस भेज दिया।इस फैसले को पहले केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण और बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी सही ठहराया।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, पीठ ने पूरे रिकॉर्ड और पूर्व आदेशों का विस्तार से परीक्षण किया। अदालत ने यह देखा कि क्या अपीलकर्ता को एडीजी-एआरआईएस पद पर निश्चित अवधि के लिए कोई अटल अधिकार प्राप्त था या नहीं।
पीठ ने कहा,
“रिकॉर्ड से यह स्पष्ट है कि नियुक्ति एक निश्चित अवधि के लिए थी, लेकिन यह पूरी तरह शर्तों और प्रशासनिक विवेक पर निर्भर थी।”
अदालत ने यह भी माना कि संबंधित संस्था को अपने प्रशासनिक हितों के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार है, बशर्ते वह नियमों के भीतर हो।
इस मामले में प्रमुख सवाल यह था कि क्या किसी निश्चित अवधि के पद पर नियुक्त व्यक्ति को पूरा कार्यकाल पूरा करने का अधिकार स्वतः मिल जाता है, या संस्था विशेष परिस्थितियों में कार्यकाल समाप्त कर सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि:
- ऐसी नियुक्तियां पूर्णतः संविदात्मक या शर्तों पर आधारित हो सकती हैं
- यदि नियम अनुमति देते हैं, तो संस्था कार्यकाल समाप्त कर सकती है
- इसमें न्यायिक हस्तक्षेप सीमित रहेगा
अंततः, सुप्रीम कोर्ट ने अपील को खारिज करते हुए कहा कि:
“हाई कोर्ट और ट्रिब्यूनल के निष्कर्षों में कोई त्रुटि नहीं पाई गई है, जो हस्तक्षेप की मांग करे।”
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आईसीएआर द्वारा लिया गया निर्णय नियमों के अनुरूप था और उसमें किसी प्रकार की कानूनी खामी नहीं पाई गई।
Case Details:
Case Title: Sadachari Singh Tomar v. Union of India & Ors.
Case Number: Civil Appeal Nos. 9330–9331 of 2013
Judges: Justice Prashant Kumar Mishra and Justice Vipul M. Pancholi
Decision Date: April 28, 2026











