कलकत्ता हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि केवल विधि व्यवसाय (वकालत) करने के उद्देश्य से गठित साझेदारी फर्म के पंजीकरण के लिए ट्रेड लाइसेंस प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं है। अदालत ने पश्चिम बंगाल के रजिस्ट्रार ऑफ फर्म्स को निर्देश दिया कि वह एम/एस पिनावा लीगल के पंजीकरण आवेदन पर दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई करे।
मामले की पृष्ठभूमि
याचिकाकर्ता डॉ. अर्जुन चौधरी, जो स्वयं एक अधिवक्ता हैं, ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उनका कहना था कि उनकी अधिवक्ताओं की साझेदारी फर्म ‘एम/एस पिनावा लीगल’ के पंजीकरण आवेदन को केवल इस आधार पर लंबित रखा गया कि फर्म ने ट्रेड लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया।
डॉ. चौधरी ने तर्क दिया कि भारतीय साझेदारी अधिनियम, 1932 की धारा 58 में जिन शर्तों का उल्लेख है, उनका पूरी तरह पालन किया जा चुका है। अधिनियम में कहीं भी ट्रेड लाइसेंस जमा करने की शर्त नहीं है।
राज्य की ओर से कहा गया कि विभागीय दिशानिर्देशों में ट्रेड लाइसेंस को आवश्यक दस्तावेजों में शामिल किया गया है। हालांकि, राज्य ने यह भी स्वीकार किया कि वकीलों का कार्यालय किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान (Commercial Establishment) की श्रेणी में नहीं आता।
न्यायमूर्ति बिवास पटनायक ने भारतीय साझेदारी अधिनियम की धाराओं 58 और 59 का विश्लेषण करते हुए कहा कि पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेजों और विवरणों का स्पष्ट उल्लेख कानून में किया गया है, लेकिन ट्रेड लाइसेंस का कोई उल्लेख नहीं है।
अदालत ने कहा कि यदि आवेदक धारा 58 की सभी आवश्यकताओं का पालन कर देता है, तो रजिस्ट्रार पर फर्म का पंजीकरण करने का वैधानिक दायित्व बन जाता है।
पीठ ने कहा, “धारा 58 में ट्रेड लाइसेंस प्रस्तुत करने की कोई आवश्यकता नहीं बताई गई है।” अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक दिशानिर्देश मूल कानून से ऊपर नहीं हो सकते और न ही वे कानून में अतिरिक्त शर्तें जोड़ सकते हैं।
इन परिस्थितियों में हाईकोर्ट ने माना कि रजिस्ट्रार द्वारा केवल ट्रेड लाइसेंस न होने के आधार पर पंजीकरण से इनकार करना उचित नहीं था। अदालत ने रजिस्ट्रार, ऑफिस ऑफ द रजिस्ट्रार ऑफ फर्म्स, सोसायटीज़ एंड नॉन-ट्रेडिंग कॉरपोरेशन्स, पश्चिम बंगाल को निर्देश दिया कि वह एम/एस पिनावा लीगल के आवेदन संख्या APP-022334 पर विचार कर दो सप्ताह के भीतर फर्म का पंजीकरण करे और इसके लिए ट्रेड लाइसेंस की मांग न करे। इसके साथ ही याचिका का निस्तारण कर दिया गया।


