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सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दी, गौहाटी हाईकोर्ट का आदेश रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को राहत देते हुए अग्रिम जमानत दी और गौहाटी हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया। - पवन खेड़ा बनाम असम राज्य

Rajan Prajapati
सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दी, गौहाटी हाईकोर्ट का आदेश रद्द

नई दिल्ली में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम आदेश में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को राहत देते हुए अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने गौहाटी हाईकोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।

मामले की पृष्ठभूमि

मामला अप्रैल 2026 का है, जब असम के गुवाहाटी में दर्ज एक एफआईआर में पवन खेड़ा को आरोपी बनाया गया। यह एफआईआर क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी। आरोप था कि उन्होंने 5 अप्रैल 2026 को दो प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ दस्तावेज दिखाए और असम के मुख्यमंत्री की पत्नी को लेकर गंभीर दावे किए।

एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की कई धाराएं लगाई गईं, जिनमें सार्वजनिक शांति भंग करने और भ्रामक जानकारी फैलाने जैसे आरोप शामिल थे।

सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वरिष्ठ वकीलों ने मामले को अंतिम रूप से सुनने पर सहमति जताई। पवन खेड़ा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए, जबकि राज्य की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी।

अदालत ने मामले के तथ्यों और आरोपों का संज्ञान लेते हुए कहा कि यह उचित होगा कि अपील को मेरिट के आधार पर ही निपटाया जाए।

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पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत न देना अंतिम समाधान नहीं है और सुप्रीम कोर्ट इस पर स्वतंत्र रूप से विचार कर सकता है।

“मामले को पूरी तरह सुनने के बाद ही न्यायसंगत निर्णय लिया जाना चाहिए,” अदालत ने कहा।

सुप्रीम कोर्ट ने गौहाटी हाईकोर्ट के 24 अप्रैल 2026 के आदेश को निरस्त करते हुए पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी।

अदालत ने कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए याचिकाकर्ता को गिरफ्तारी से संरक्षण दिया जाना उचित है।

Case Details

Case Title: Pawan Khera v. State of Assam

Case Number: Criminal Appeal (arising out of SLP (Crl.) No. 7786 of 2026)

Judges: Justice J.K. Maheshwari, Justice Atul S. Chandurkar

Decision Date: April 30, 2026

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