आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने एक पारिवारिक संपत्ति विवाद में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बेटे द्वारा दायर दूसरी अपील को खारिज कर दिया। अदालत ने निचली अपीलीय अदालत के उस निर्णय को बरकरार रखा जिसमें परिवार की बेटियों को पैतृक संपत्ति में हिस्सा देने का आदेश दिया गया था।
मामला काकीनाडा स्थित संपत्तियों के बंटवारे से जुड़ा था। वादियों का दावा था कि विवादित संपत्तियां पैतृक हैं और परिवार के सभी उत्तराधिकारियों को उनमें बराबर हिस्सा मिलना चाहिए। दूसरी ओर, प्रतिवादी पुत्र ने यह कहते हुए दावा चुनौती दी कि वादी संख्या 2 से 7 तक उसकी सौतेली बहनें नहीं हैं और उन्हें संपत्ति में कोई अधिकार प्राप्त नहीं है।
अदालत की टिप्पणियां
न्यायमूर्ति वी. गोपाला कृष्ण राव ने रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों का विस्तृत परीक्षण किया। अदालत ने पाया कि वादी संख्या 1 ने स्वयं अपने बयान और वादपत्र में स्पष्ट रूप से कहा था कि वादी संख्या 2 से 7 उसकी दूसरी पत्नी राघवा से जन्मी पुत्रियां हैं।
अदालत ने यह भी नोट किया कि मुकदमा दायर होने से पहले भेजे गए कानूनी नोटिस में भी यही तथ्य उल्लेखित था। प्रतिवादी ने नोटिस प्राप्त करने के बावजूद उस समय इस संबंध का कोई खंडन नहीं किया।
निर्णय में कहा गया,
“प्रतिवादी ने कानूनी नोटिस का जवाब देकर वादी संख्या 2 से 7 की पितृत्व संबंधी स्थिति का खंडन करने का कोई प्रयास नहीं किया।”अदालत ने प्रतिवादी द्वारा प्रस्तुत उस दलील को भी स्वीकार नहीं किया कि पिता ने अपने अधिकार त्याग दिए थे। न्यायालय ने पाया कि जिस त्याग-पत्र पर प्रतिवादी भरोसा कर रहा था, उसे रिकॉर्ड पर प्रस्तुत ही नहीं किया गया।
पीठ ने कहा कि दस्तावेज़ के अस्तित्व और उसकी वैधता साबित करने की जिम्मेदारी प्रतिवादी पर थी, जिसे वह पूरा नहीं कर सका।
अंतिम निर्णय
हाई कोर्ट ने माना कि प्रथम अपीलीय अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों का सही मूल्यांकन किया था और उसके निष्कर्षों में किसी प्रकार की कानूनी त्रुटि नहीं है।
अदालत ने कहा,
“रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दिए गए निष्कर्षों में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।”इसके साथ ही न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि दूसरी अपील में विचार के लिए कोई महत्वपूर्ण विधिक प्रश्न नहीं बनता।
फलस्वरूप, आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने दूसरी अपील को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज करते हुए प्रथम अपीलीय अदालत के निर्णय और डिक्री को बरकरार रखा।
Case Details:
Case Title: T. Satyanarayana v. Turangi Somaraju (Died) & Others
Case Number: Second Appeal No. 817 of 2012
Judge: Justice V. Gopala Krishna Rao
Decision Date: 15 June 2026


