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बेटी की शादी में शामिल होने के लिए दोषी को मिली राहत, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी अल्पकालिक जमानत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेटी की शादी में शामिल होने के लिए दोषी देशराज को 6 दिन की अल्पकालिक जमानत दी, सख्त शर्तों के साथ रिहाई का आदेश। - देश राज बनाम उत्तर प्रदेश राज्य

Vivek G.
बेटी की शादी में शामिल होने के लिए दोषी को मिली राहत, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी अल्पकालिक जमानत

लखनऊ बेंच में सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मानवीय आधार पर फैसला सुनाया। अदालत ने हत्या के मामले में सजा काट रहे दोषी को उसकी बेटी की शादी में शामिल होने के लिए सीमित अवधि की जमानत प्रदान की।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला क्रिमिनल अपील संख्या 3548/2023 से जुड़ा है, जिसमें अपीलकर्ता देशराज को सत्र न्यायालय, लखनऊ द्वारा 19 अक्टूबर 2023 को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के तहत दोषी ठहराया गया था। अदालत ने उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹30,000 के जुर्माने की सजा सुनाई थी।

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देशराज 19 अक्टूबर 2023 से जेल में बंद है और अपनी सजा काट रहा है।

अपीलकर्ता की ओर से 17 मार्च 2026 को एक अल्पकालिक जमानत अर्जी दाखिल की गई। इसमें कहा गया कि उसकी बेटी की शादी 23 मार्च 2026 को उसके पैतृक गांव में तय है और वह इस महत्वपूर्ण पारिवारिक अवसर में शामिल होना चाहता है।

अर्जी के साथ प्रस्तुत शपथपत्र में इस बात का उल्लेख किया गया कि यह कार्यक्रम वास्तविक है।

सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से उपस्थित एजीए (सरकारी वकील) ने बताया कि पुलिस द्वारा शादी की तिथि और आयोजन की पुष्टि कर ली गई है।

इस पर न्यायालय ने कहा,

“बेटी का विवाह हिंदू जीवन पद्धति में एक पवित्र दायित्व माना जाता है।”

अदालत ने यह भी माना कि ऐसे अवसर पर पिता की उपस्थिति सामाजिक और पारिवारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होती है।

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न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा की एकल पीठ ने अपीलकर्ता की अल्पकालिक जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।

अदालत ने निर्देश दिया कि देशराज को 23 मार्च 2026 की सुबह से 29 मार्च 2026 तक के लिए जमानत पर रिहा किया जाए, ताकि वह अपनी बेटी की शादी और उससे जुड़े अनुष्ठानों में भाग ले सके।

इसके लिए ₹20,000 के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त रखी गई है।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अपीलकर्ता को 30 मार्च 2026 को पूर्वाह्न में ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा, जिसके बाद उसे पुनः जेल भेज दिया जाएगा।

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साथ ही, संबंधित थाना प्रभारी को निर्देश दिया गया कि जमानत अवधि के दौरान अपीलकर्ता की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस निगरानी सुनिश्चित की जाए।

Case Details

Case Title: Desh Raj vs State of U.P.

Case Number: Criminal Appeal No. 3548 of 2023

Judge: Justice Ram Manohar Narayan Mishra

Decision Date: March 20, 2026

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