सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक वैवाहिक विवाद को आपसी सहमति से सुलझाते हुए पति-पत्नी को कानूनी रूप से अलग होने की अनुमति दे दी। अदालत ने दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते को स्वीकार करते हुए सभी लंबित मामलों को समाप्त कर दिया। यह मामला Transfer Petition (Civil) No. 824/2025 से जुड़ा था।
मामले की पृष्ठभूमि
याचिकाकर्ता करिश्मा पाणिग्राही और प्रतिवादी हिमांशु कुमार जायसवाल की शादी 11 दिसंबर 2021 को हुई थी। बाद में दोनों के बीच मतभेद बढ़े और अलग-अलग अदालतों में मुकदमे दर्ज हुए।
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मामले को सुलझाने के लिए दोनों पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जहां मध्यस्थता के जरिए समझौता हुआ।
कोर्ट की अहम टिप्पणी
सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा,
“दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने का निर्णय लिया है और समझौते की शर्तें स्पष्ट हैं।”
अदालत ने यह भी सराहा कि मध्यस्थता के माध्यम से विवाद को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाया गया।
समझौते की मुख्य शर्तें
- पति द्वारा पत्नी को ₹23 लाख की एकमुश्त राशि
- यह रकम भरण-पोषण, स्थायी गुजारा भत्ता और सभी दावों के निपटारे के लिए
- बच्चे से जुड़े दावे भी इसी समझौते में शामिल
- फैमिली कोर्ट में लंबित सभी मामले बंद
- समझौते का उल्लंघन होने पर अवमानना की कार्रवाई संभव
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अदालत का अंतिम फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने आपसी सहमति से तलाक की मंजूरी देते हुए विवाह को भंग कर दिया। साथ ही सभी लंबित मामलों को समाप्त करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि समझौते की शर्तें दोनों पक्षों पर बाध्यकारी होंगी।
Case Title: Karisma Panigrahi vs Himanshu Kumar Jaiswal
Case No.: Transfer Petition (Civil) No. 824/2025
Decision Date: 29 January 2026







