इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने के अपने पहले के निर्देश पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अंतिम आदेश देने से पहले संबंधित पक्ष को सुनना आवश्यक है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह याचिका कर्नाटक निवासी एस. विग्नेश शिशिर ने दाखिल की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी एक ब्रिटिश नागरिक हैं और उन्होंने एक यूके-आधारित कंपनी के रिकॉर्ड में अपनी राष्ट्रीयता ब्रिटिश बताई थी।
याचिकाकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता, पासपोर्ट अधिनियम, विदेशी अधिनियम और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की थी। पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने पर उन्होंने ट्रायल कोर्ट का रुख किया, जहां से राहत न मिलने पर हाईकोर्ट पहुंचे।
17 अप्रैल को कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामला बनता हुआ पाया था और राज्य सरकार को मामले को केंद्र के पास भेजने की अनुमति देने का संकेत दिया था।
हालांकि, न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने आदेश पर हस्ताक्षर करने से पहले एक पूर्व निर्णय पर गौर किया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में संभावित आरोपी को सुने बिना आदेश पारित नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने कहा,
“संभावित आरोपी को निर्णय लेने से पहले सुनवाई का अवसर मिलना चाहिए।”
सुनवाई के दौरान यह भी दर्ज किया गया कि पहले सभी पक्षों ने कहा था कि इस स्तर पर नोटिस जारी करना आवश्यक नहीं है।
इन परिस्थितियों में कोर्ट ने माना कि बिना सुनवाई के आवेदन का निपटारा उचित नहीं होगा। मामले को आगे की सुनवाई के लिए 20 अप्रैल को सूचीबद्ध किया गया है।
फिलहाल गांधी को कोई औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया गया है और FIR दर्ज करने का पूर्व निर्देश प्रभावी नहीं है।
Case Details
Case Title: S. Vignesh Shishir vs. Sri Rahul Gandhi & Others
Case Number: Application U/S 528 BNSS No. 673 of 2026
Judge: Justice Subhash Vidyarthi
Decision Date: April 17, 2026











