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केरल हाई कोर्ट ने रद्द पैन पर आयकर कार्यवाही रद्द की

केरल हाई कोर्ट ने रद्द पैन के आधार पर आयकर अधिनियम की धारा 148 के तहत शुरू की गई कार्यवाही को रद्द कर दिया, जिससे सहकारी समिति को पुनर्मूल्यांकन का उचित अवसर मिला।

Shivam Y.
केरल हाई कोर्ट ने रद्द पैन पर आयकर कार्यवाही रद्द की

केरल हाई कोर्ट ने हाल ही में कीरमपाड़ा सर्विस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड बनाम द इनकम टैक्स ऑफिसर मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया, जिसमें आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 148 के तहत रद्द किए गए स्थायी खाता संख्या (पैन) के आधार पर शुरू की गई कार्यवाही को रद्द कर दिया गया। न्यायमूर्ति ज़ियाद रहमान ए.ए. ने फैसला सुनाया कि यह कार्यवाही अमान्य है क्योंकि इसमें एक ऐसे पैन का उल्लेख किया गया था जो अब मान्य नहीं था, जिससे याचिकाकर्ता को मूल्यांकन का विरोध करने का उचित अवसर नहीं मिला।

मामले की पृष्ठभूमि

याचिकाकर्ता, कीरमपाड़ा सर्विस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, केरल सहकारी समिति नियमों के नियम 15 के तहत एक प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समिति है। समिति ने आयकर अधिनियम की धारा 80P के तहत कर छूट का दावा किया, बशर्ते कि वह आवश्यक शर्तों को पूरा करे।

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प्रारंभ में, समिति को एक पैन (AAECK5393D) आवंटित किया गया था, लेकिन इसमें गलती से इसका दर्जा एक "कंपनी" के रूप में दिखाया गया था, न कि "सहकारी समिति" के रूप में। इस त्रुटि के कारण याचिकाकर्ता धारा 80P की छूट का लाभ नहीं उठा पा रहा था। त्रुटि का पता चलने पर, समिति ने एक सही पैन के लिए आवेदन किया, और एक नया पैन (AAIAK3165H) जारी किया गया, जिसमें इसे व्यक्तियों का संघ (AOP) के रूप में सही ढंग से वर्गीकृत किया गया।

पैन सुधार के बावजूद, आयकर विभाग ने 30.03.2021 को धारा 148 के तहत एक नोटिस जारी किया, जिसमें पुराने (रद्द) पैन का उल्लेख किया गया था। याचिकाकर्ता ने जवाब दिया और पुनर्मूल्यांकन के कारणों का अनुरोध किया, लेकिन कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। इस कार्यवाही का परिणाम मूल्यांकन आदेश (Ext.P7) और धारा 156 के तहत एक मांग नोटिस (Ext.P8) के रूप में निकला, जो दोनों अमान्य पैन से जुड़े थे।

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याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि रद्द पैन का उपयोग करने से उनकी क्षमता प्रभावित हुई:

कार्यवाही का प्रभावी ढंग से विरोध करने की।

तकनीकी विसंगतियों के कारण अपील दाखिल करने की।

न्यायमूर्ति ज़ियाद रहमान ए.ए. ने कहा:

"सभी नोटिस और कार्यवाही केवल उस पैन कार्ड का उल्लेख करके जारी किए गए थे, जो कार्यवाही की तारीख तक रद्द हो चुका था। याचिकाकर्ता का उचित अवसर से वंचित होने का तर्क नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।"

अदालत ने जोर देकर कहा कि हालांकि विभाग पुराने पैन से जुड़े लेन-देन पर भरोसा कर सकता है, लेकिन प्रक्रियात्मक निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए नई कार्यवाही में सही पैन (AAIAK3165H) का उल्लेख होना चाहिए।

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मुख्य बिंदु

1. कानूनी वैधता: रद्द पैन पर आधारित कर कार्यवाही अमान्य है।

2. उचित अवसर: अधिकारियों को उचित प्रतिनिधित्व की अनुमति देने के लिए सही पैन का उपयोग कर नोटिस जारी करना चाहिए।

3. स्पष्टीकरण: पुराने पैन के तहत पिछले लेन-देन मूल्यांकन के लिए प्रासंगिक रहेंगे।

अदालत ने रिट याचिका का निपटारा करते हुए Ext.P7 और Ext.P8 को रद्द कर दिया और आयकर अधिकारी को सही पैन के तहत नए नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।

मामले का नाम: कीरमपाड़ा सर्विस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड बनाम द इनकम टैक्स ऑफिसर

मामला संख्या: WP(C) No. 15933 of 2022

याचिकाकर्ता के वकील: श्री सी.ए. जोजो

प्रतिवादी के वकील: क्रिस्टोफर अब्राहम, पी.आर. अजीत कुमार

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