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अंतरजातीय विवाह के बाद सामाजिक बहिष्कार का आरोप: मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस सुरक्षा देने और RDO जांच के दिए निर्देश

मद्रास हाई कोर्ट ने अंतर-जातीय विवाह के बाद सामाजिक बहिष्कार का आरोप लगाने वाले एक याचिकाकर्ता को पुलिस सुरक्षा देने का निर्देश दिया और RDO को 12 हफ़्तों के भीतर जांच करने का निर्देश दिया।

Shivam Y.
अंतरजातीय विवाह के बाद सामाजिक बहिष्कार का आरोप: मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस सुरक्षा देने और RDO जांच के दिए निर्देश

मद्रास हाईकोर्ट ने अंतरजातीय विवाह के बाद कथित सामाजिक बहिष्कार का सामना कर रहे एक व्यक्ति और उसके परिवार को पुलिस सुरक्षा देने का निर्देश दिया है। अदालत ने साथ ही राजस्व मंडल अधिकारी (RDO) को शिकायत की जांच कर कानून के अनुसार 12 सप्ताह के भीतर आदेश पारित करने का निर्देश दिया।

मामले की पृष्ठभूमि

याचिकाकर्ता ने आपराधिक रिट याचिका दायर कर आरोप लगाया कि अंतरजातीय विवाह के बाद गांव के कुछ लोगों ने उसका सामाजिक बहिष्कार कर दिया। उसने दावा किया कि उसे गांव में प्रवेश करने से रोका गया और उसके घर पर ताला लगा दिया गया, जिसके कारण उसे गांव से बाहर रहना पड़ा।

याचिका में यह भी कहा गया कि शिकायत मिलने पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बावजूद उसे दोबारा अपने घर और गांव में प्रवेश नहीं करने दिया गया।

बाद में स्थानीय प्रशासन ने शांति समिति की बैठक भी बुलाई, लेकिन संबंधित निजी पक्ष उसमें उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद प्रशासन की ओर से याचिकाकर्ता को घर में रहने देने का मौखिक निर्देश दिया गया, जिसे कथित रूप से नहीं माना गया।

अदालत की टिप्पणी

जस्टिस जी.के. इलानथिरायन ने कहा कि मामले में राजस्व और पुलिस दोनों अधिकारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह अपनी शिकायत राजस्व मंडल अधिकारी (RDO) के समक्ष दोबारा प्रस्तुत करे। इसके बाद RDO संबंधित निजी पक्षों को नोटिस जारी कर जांच करेगा और 12 सप्ताह के भीतर कानून के अनुसार उचित आदेश पारित करेगा।

अदालत ने कहा, "तीसरे प्रतिवादी (RDO) को निर्देश दिया जाता है कि वह संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जांच करे और 12 सप्ताह के भीतर कानून के अनुसार उचित आदेश पारित करे।"

हाईकोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारी को पहले से दर्ज आपराधिक मामले की जांच 12 सप्ताह के भीतर पूरी कर अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया।

इसके अलावा अदालत ने याचिकाकर्ता और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का आदेश दिया।

अदालत ने कहा, "छठे प्रतिवादी को निर्देश दिया जाता है कि वह याचिकाकर्ता और उसके परिवार के सदस्यों को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराए।"

फैसला

इन निर्देशों के साथ मद्रास हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण कर दिया। अदालत ने RDO को सामाजिक बहिष्कार की शिकायत की जांच कर 12 सप्ताह के भीतर आदेश पारित करने, पुलिस को लंबित जांच पूरी कर अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने तथा याचिकाकर्ता और उसके परिवार को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

साथ ही संबंधित अन्य लंबित आवेदन भी बंद कर दिया गया।

Case Details

Case Title: Pazhaniyappan v. The District Collector and Others

Case Number: WP Crl. No. 1178 of 2025

Judge: Justice G.K. Ilanthiraiyan

Decision Date: 30 June 2026

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