इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक संवेदनशील धर्म परिवर्तन और विवाह विवाद मामले में महत्वपूर्ण राहत देते हुए प्रयागराज के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) के आदेश पर रोक लगा दी। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई ठोस आधार नहीं दिखता जिससे यह माना जाए कि धर्म परिवर्तन दबाव या प्रलोभन के तहत हुआ था।
मामले की पृष्ठभूमि
याचिकाकर्ता अनिल पंडित उर्फ मोहम्मद अहसान ने दावा किया था कि उन्होंने स्वेच्छा से इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म अपनाया। बाद में उन्होंने अपर्णा बाजपेयी से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किया। दंपति ने अदालत को बताया कि वे साथ रह रहे हैं और महिला सात महीने की गर्भवती है।
मामले में विवाद तब बढ़ा जब अपर्णा बाजपेयी के पिता की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके बाद ADM प्रयागराज ने याचिकाकर्ता के धर्म परिवर्तन को लेकर संदेह जताते हुए आवेदन खारिज कर दिया था।
सुनवाई के दौरान जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने पति-पत्नी से अलग-अलग बातचीत की। अपर्णा बाजपेयी ने अदालत को बताया कि उन्होंने अपनी इच्छा से विवाह किया और वह अपने पति के साथ खुशहाल जीवन बिता रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक मदद दोस्ती के नाते मिली थी, किसी दबाव या लालच के तहत नहीं।
वहीं अनिल पंडित ने कहा कि उनका झुकाव लंबे समय से सनातन धर्म की ओर था और उन्होंने वर्ष 2022 में आर्य समाज मंदिर में विधिवत धर्म परिवर्तन किया था।
हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड में मौजूद शुरुआती पुलिस रिपोर्टों का उल्लेख करते हुए कहा कि जांच में धर्म परिवर्तन स्वेच्छा से किया गया पाया गया था। अदालत ने नोट किया कि पुलिस की पहली दो रिपोर्टें याचिकाकर्ता के पक्ष में थीं।
पीठ ने कहा,
“मात्र चार्जशीट दाखिल हो जाने से किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। आरोपों की सत्यता का परीक्षण ट्रायल के दौरान होता है।”
अदालत ने यह भी कहा कि ADM ने एफआईआर और चार्जशीट से अत्यधिक प्रभावित होकर आदेश पारित किया, जबकि उनका दायरा केवल यह जांचना था कि धर्म परिवर्तन स्वेच्छा से हुआ या नहीं।
खंडपीठ ने 9 अगस्त 2024 के ADM आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया और प्रयागराज के ADM को निर्देश दिया कि वह मामले पर नए सिरे से विचार कर तीन सप्ताह के भीतर ताजा आदेश पारित करें।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता और उनकी पत्नी सम्मानपूर्वक साथ रह सकते हैं तथा पुलिस उनके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप नहीं करेगी।
Case Details
Case Title: Anil Pandit @ Mohammad Ahashan vs State of U.P. and 2 Others
Case Number: WRIT-C No. 33740 of 2024
Judges: Justice Ajit Kumar and Justice Indrajeet Shukla
Decision Date: May 5, 2026











