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पटना उच्च न्यायालय ने बिहार में RTI अपीलों के भारी लंबित मामलों पर सुनवाई टाली, सुप्रीम कोर्ट में लंबित कार्यवाही का दिया हवाला।

पटना हाईकोर्ट ने RTI लंबित मामलों पर सुनवाई स्थगित की, कहा कि समान मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, अगली सुनवाई 18 जून 2026 को होगी। - प्रवीण कुमार बनाम बिहार राज्य

Shivam Y.
पटना उच्च न्यायालय ने बिहार में RTI अपीलों के भारी लंबित मामलों पर सुनवाई टाली, सुप्रीम कोर्ट में लंबित कार्यवाही का दिया हवाला।

सूचना के अधिकार (RTI) से जुड़े लंबित मामलों को लेकर दायर जनहित याचिका पर पटना हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत ने फिलहाल कोई अंतिम निर्देश देने से परहेज़ किया। कोर्ट ने कहा कि इसी मुद्दे पर मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसलिए अगली तारीख पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आगे की कार्यवाही होगी।

मामले की पृष्ठभूमि

यह याचिका प्रवीण कुमार द्वारा दाखिल की गई थी, जिसमें RTI आवेदन और अपीलों के भारी लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने अदालत से आग्रह किया कि प्रथम अपील 45 दिनों के भीतर और द्वितीय अपील 90 दिनों के भीतर निपटाई जाए।

इसके अलावा, याचिका में यह भी कहा गया कि जो अधिकारी बार-बार RTI कानून के तहत दंडित होते हैं, उनके खिलाफ वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाए। साथ ही, सूचना देने में अत्यधिक देरी होने पर नागरिकों को मुआवजा देने की मांग भी रखी गई।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि बिहार राज्य सूचना आयोग में दिसंबर 2024 तक लगभग 28,291 द्वितीय अपील और शिकायतें लंबित हैं। उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की विभिन्न धाराओं का हवाला देते हुए समयसीमा के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया।

वहीं, राज्य और सूचना आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने अदालत को बताया कि इसी मुद्दे पर पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में अंजलि भारद्वाज बनाम भारत संघ (2019) से संबंधित कार्यवाही चल रही है।

राज्य के वकील ने यह भी जानकारी दी कि सूचना आयोग में स्वीकृत चार पदों में से एक पद खाली है, जिसे भरने के लिए दिसंबर 2025 में विज्ञापन जारी किया गया था और चयन प्रक्रिया फरवरी 2026 तक पूरी होने की संभावना है।

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को लंबित मामलों की संख्या को देखते हुए आयोग की क्षमता बढ़ाने पर विचार करने का निर्देश दिया है और इस पर अगली सुनवाई 28 अप्रैल 2026 को तय है।

इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने कहा,

“जब मामला सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है, तब इस स्तर पर हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा।”

अदालत ने मामले को 18 जून 2026 के लिए सूचीबद्ध करते हुए निर्देश दिया कि उस दिन पक्षकार सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्यवाही की अद्यतन स्थिति से अवगत कराएं।

Case Details

Case Title: Praween Kumar vs The State of Bihar

Case Number: Civil Writ Jurisdiction Case No. 3089 of 2026

Judges:

  • Hon’ble the Chief Justice Sangam Kumar Sahoo
  • Hon’ble Mr. Justice Harish Kumar

Decision Date: 16 April 2026

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