धार्मिक पद “सज्जादानशीन” (दरगाह का आध्यात्मिक प्रमुख) को लेकर चले लंबे पारिवारिक विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम मुहर लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब निचली अदालतों के तथ्यात्मक निष्कर्ष एक जैसे हों, तो उनमें दखल देने का कोई आधार नहीं बनता।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद कर्नाटक के चामराजनगर स्थित एक दरगाह के सज्जादानशीन पद के उत्तराधिकार को लेकर था।
एक पक्ष (अपीलकर्ता) ने दावा किया कि उन्हें कुछ दस्तावेजों के आधार पर यह पद मिलना चाहिए। वहीं, दूसरे पक्ष (प्रतिवादी) ने कहा कि उन्हें पूर्व सज्जादानशीन द्वारा एक धार्मिक प्रक्रिया और लिखित दस्तावेज (खिलाफतनामा) के जरिए नामित किया गया था।
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ट्रायल कोर्ट ने प्रतिवादी के पक्ष में फैसला दिया और उन्हें वैध सज्जादानशीन घोषित किया। अपील और हाईकोर्ट में भी यही निष्कर्ष कायम रहा।
अपीलकर्ता की ओर से कहा गया कि:
- खिलाफतनामा केवल धार्मिक अनुमति थी, न कि उत्तराधिकार का अधिकार
- कुछ दस्तावेजों को नजरअंदाज किया गया
- कथित दस्तावेज में बदलाव (interpolation) हुआ
वहीं, प्रतिवादी की ओर से दलील दी गई कि:
- सज्जादानशीन का पद परंपरा और नामांकन (nomination) से तय होता है
- धार्मिक समारोह में विधिवत नियुक्ति हुई
- तीनों अदालतों ने साक्ष्यों के आधार पर एक जैसे निष्कर्ष दिए हैं
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सेक्शन 100 CPC के तहत हाईकोर्ट केवल “महत्वपूर्ण विधिक प्रश्न” (substantial question of law) पर ही दखल दे सकता है।
अदालत ने स्पष्ट किया:
“जब निचली अदालतों द्वारा तथ्यात्मक निष्कर्ष एक समान हों, तो उन्हें सामान्यतः बदला नहीं जा सकता।”
कोर्ट ने यह भी माना कि सज्जादानशीन का पद मुख्य रूप से आध्यात्मिक होता है और इसका उत्तराधिकार परंपरा, प्रथा या नामांकन से तय हो सकता है।
अदालत ने कहा कि:
- खिलाफतनामा (1981) एक वैध नामांकन का प्रमाण है
- अपीलकर्ता द्वारा पेश किए गए पावर ऑफ अटॉर्नी और अन्य दस्तावेज उत्तराधिकार नहीं देते
- दस्तावेज में बदलाव के आरोप साबित नहीं किए गए
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कोर्ट ने साफ कहा:
“सिर्फ संदेह के आधार पर प्रमाणित दस्तावेज को खारिज नहीं किया जा सकता।”
सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि:
- तीनों निचली अदालतों के फैसले सही हैं
- कोई कानूनी त्रुटि या गंभीर कमी नहीं है
- मामला केवल तथ्यों की पुनः जांच का प्रयास था
इस आधार पर अदालत ने अपील को खारिज कर दिया और प्रतिवादी को वैध सज्जादानशीन मानने के फैसले को बरकरार रखा।
Case Details
Case Title: Syed Mohammed Ghouse Pasha Khadri v. Syed Mohammed Adil Pasha Khadri & Ors.
Case Number: Civil Appeal Nos. 13345–13346 of 2015
Judges: Justice M.M. Sundresh and Justice Vipul M. Pancholi
Decision Date: 2 April 2026










