दिल्ली हाईकोर्ट की वकील कैंटीन में फिलहाल पका हुआ भोजन परोसना बंद कर दिया गया है। कैंटीन प्रबंधन का कहना है कि एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने के कारण खाना पकाना संभव नहीं हो पा रहा है।
11 मार्च को जारी एक नोटिस में इस बारे में जानकारी दी गई। नोटिस में कहा गया,
“यह सूचित किया जाता है कि फिलहाल एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने के कारण हम वकील कैंटीन में मुख्य व्यंजन तैयार और परोसने में असमर्थ हैं।”
प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल यह पता नहीं है कि गैस आपूर्ति कब दोबारा शुरू होगी।
नोटिस में आगे कहा गया,
“इस समय हमें यह जानकारी नहीं है कि एलपीजी की सप्लाई कब बहाल होगी। जैसे ही गैस उपलब्ध होगी, मुख्य भोजन बनाना फिर से शुरू कर दिया जाएगा।”
हालांकि कैंटीन पूरी तरह बंद नहीं है। ऐसे खाद्य पदार्थ जो बिना गैस के तैयार किए जा सकते हैं जैसे सैंडविच, सलाद और फ्रूट चाट अब भी उपलब्ध हैं।
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कैंटीन प्रबंधन की ओर से जारी नोटिस पर संदीप शर्मा के हस्ताक्षर हैं। इसमें वकीलों और अदालत के कर्मचारियों से हुई असुविधा के लिए माफी भी मांगी गई है।
नोटिस में कहा गया,
“हमें हुई असुविधा के लिए खेद है और हम सभी से सहयोग और समझ की अपेक्षा करते हैं।”
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सूत्रों के अनुसार, एलपीजी की कमी पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वहां चल रहे संघर्ष से जुड़ी आपूर्ति बाधाओं के कारण पैदा हुई है। इससे ईंधन की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई है।
इसी पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार ने हाल ही में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को नियंत्रित करने का फैसला किया है, ताकि घरेलू जरूरतों और जरूरी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा सके।
फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट के वकीलों को अपने लंच ब्रेक में हल्के नाश्ते से ही काम चलाना पड़ रहा है।










