मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने एक अहम फैसले में साफ किया है कि केवल हेलमेट न पहनने के आधार पर मृतक को अधिक दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम की अपील को खारिज करते हुए ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए मुआवज़े को बरकरार रखा।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला एक सड़क दुर्घटना से जुड़ा है, जिसमें 31 अगस्त 2021 को पिच्चमणि नामक व्यक्ति अपनी दोपहिया वाहन से जा रहे थे। उसी दौरान सामने से आ रही परिवहन निगम की बस ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर चोटों के बाद उनकी मृत्यु हो गई।
मृतक के परिजनों ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में 80 लाख रुपये के मुआवज़े की मांग की। ट्रिब्यूनल ने सुनवाई के बाद बस चालक को मुख्य रूप से दोषी ठहराया और कुल ₹28.85 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश दिया।
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ट्रिब्यूनल ने पाया कि दुर्घटना बस चालक की लापरवाही से हुई। हालांकि, मृतक द्वारा हेलमेट न पहनने को ध्यान में रखते हुए 7% योगदानात्मक लापरवाही (contributory negligence) तय की गई।
इसके बाद विभिन्न मदों के तहत कुल मुआवज़ा तय किया गया और 7% कटौती के बाद अंतिम राशि ₹28,85,790 तय हुई।
परिवहन निगम ने हाईकोर्ट में अपील करते हुए कहा कि:
- मृतक हेलमेट नहीं पहने था, इसलिए उसकी लापरवाही कम से कम 20% मानी जानी चाहिए थी
- मृतक की आय ₹18,000 प्रतिमाह तय करना अधिक है
वहीं, मृतक के परिवार की ओर से कहा गया कि बस चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी और गवाहों ने स्पष्ट रूप से उसकी लापरवाही साबित की है।
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डिवीजन बेंच ने सबूतों का विश्लेषण करते हुए कहा कि बस चालक की लापरवाही स्पष्ट रूप से साबित होती है।
अदालत ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा:
“केवल हेलमेट न पहनना अपने आप में दुर्घटना का कारण नहीं माना जा सकता, जब तक यह साबित न हो कि इसका सीधा संबंध दुर्घटना से है।”
बेंच ने आगे स्पष्ट किया कि हेलमेट का उद्देश्य चोट की गंभीरता को कम करना है, न कि दुर्घटना को रोकना। इसलिए इसे दुर्घटना का कारण नहीं माना जा सकता।
अदालत ने यह भी माना कि:
- मृतक लकड़ी के ठेके का काम करता था
- उसकी आय ₹18,000 प्रतिमाह तय करना परिस्थितियों के अनुसार उचित है
बेंच ने कहा:
“ट्रिब्यूनल ने उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उचित निष्कर्ष निकाला है।”
अदालत ने परिवहन निगम की सभी दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि:
- 7% योगदानात्मक लापरवाही उचित है
- मुआवज़े की राशि सही तरीके से निर्धारित की गई है
इसके साथ ही अदालत ने अपील को खारिज कर दिया और ट्रिब्यूनल के आदेश को बरकरार रखा।
Case Details
Case Title: The Managing Director, TNSTC vs Mariyammal & Others
Case Number: C.M.A.(MD) No.445 of 2026
Judge: Justice N. Anand Venkatesh & Justice K.K. Ramakrishnan
Decision Date: 06 April 2026










