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‘चयन में निष्पक्षता सुनिश्चित होनी चाहिए’: होम गार्ड भर्ती में असमान उम्मीदवारों को एक साथ नहीं मिलाया जा सकता - राजस्थान हाई कोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने होमगार्ड भर्ती में निष्पक्षता पर जोर देते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया समान स्तर पर होनी चाहिए और पहले पुराने स्वयंसेवकों को मौका दिया जाए। - झलकन सिंह राठौड़ एवं अन्य बनाम राजस्थान राज्य एवं अन्य

Shivam Y.
‘चयन में निष्पक्षता सुनिश्चित होनी चाहिए’: होम गार्ड भर्ती में असमान उम्मीदवारों को एक साथ नहीं मिलाया जा सकता - राजस्थान हाई कोर्ट

जयपुर बेंच में सुनवाई के दौरान राजस्थान हाईकोर्ट ने होमगार्ड विभाग से जुड़े कई स्वयंसेवकों की याचिकाओं पर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। अदालत ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है और “प्रतियोगिता बराबरी के आधार पर ही होनी चाहिए।”

मामले की पृष्ठभूमि

यह याचिकाएं कई होमगार्ड स्वयंसेवकों द्वारा दायर की गई थीं, जिन्होंने अपनी सेवाओं के कथित मौखिक समाप्ति (oral termination) को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि नई भर्ती प्रक्रिया के दौरान कुछ सीमित उम्मीदवारों को ही स्क्रीनिंग के लिए चुना गया, जबकि उन्हें नजरअंदाज किया गया।

याचिकाकर्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि स्क्रीनिंग प्रक्रिया केवल उन्हीं के बीच होनी चाहिए थी, क्योंकि वे पहले से विभाग में कार्यरत रहे हैं और अनुभव रखते हैं। उनका आरोप था कि नए उम्मीदवारों के साथ उन्हें प्रतिस्पर्धा में डालना “असमान प्रतियोगिता” है।

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सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से पेश वकील ने बताया कि 81 उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग अदालत के अंतरिम आदेश के तहत की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रक्रिया पात्रता, रिक्त पदों की उपलब्धता और सरकार की इच्छा पर निर्भर है।

इस पर अदालत ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा,

“कोई भी प्रतियोगिता समान लोगों के बीच ही होनी चाहिए, असमान लोगों के बीच नहीं।”

न्यायालय ने माना कि याचिकाकर्ता पहले से होमगार्ड विभाग में स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर चुके हैं, जिससे उन्हें अनुभव प्राप्त है। ऐसे में यदि सरकार भविष्य में रिक्त पदों को भरने का निर्णय लेती है, तो पहले इन याचिकाकर्ताओं की स्क्रीनिंग की जानी चाहिए।

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अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि स्क्रीनिंग का मतलब नियुक्ति का अधिकार नहीं है, बल्कि केवल विचार किए जाने का अधिकार है।

कोर्ट ने कहा,

“स्क्रीनिंग स्वयं कोई अधिकार प्रदान नहीं करती, सिवाय इसके कि यदि भर्ती प्रक्रिया शुरू होती है तो याचिकाकर्ताओं को विचार किया जाए।”

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अदालत ने निर्देश दिया कि यदि होमगार्ड विभाग में रिक्त पदों को भरने का निर्णय लिया जाता है, तो सबसे पहले याचिकाकर्ताओं की स्क्रीनिंग की जाए और यह प्रक्रिया केवल उनके बीच ही होनी चाहिए।

इन निर्देशों के साथ सभी याचिकाओं का निस्तारण कर दिया गया।

Case Details:

Case Title: Jhalkan Singh Rathore & Ors. vs State of Rajasthan & Ors.

Case Number: S.B. Civil Writ Petition No. 5438/2020 (with connected matters)

Judge: Justice Munnuri Laxman

Decision Date: 07 April 2026

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