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सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ भूमि विवाद में हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रखा, वक्फ बोर्ड की अपील खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ भूमि विवाद में वक्फ बोर्ड की अपील खारिज करते हुए हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रखा, निजी स्वामित्व के दावे को मान्यता दी। - आंध्र प्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड बनाम जानकी बुसप्पा और अन्य

Rajan Prajapati
सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ भूमि विवाद में हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रखा, वक्फ बोर्ड की अपील खारिज

नई दिल्ली में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण भूमि विवाद मामले में अपना निर्णय सुनाया। अदालत ने आंध्र प्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड की अपील को खारिज करते हुए हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। यह मामला कथित वक्फ संपत्ति और निजी स्वामित्व के दावे से जुड़ा था।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद आंध्र प्रदेश के कर्नूल जिले के कल्लूर गांव स्थित लगभग 3 एकड़ भूमि को लेकर था। याचिकाकर्ताओं (मूल वादी) ने दावा किया कि वे इस जमीन के पूर्ण स्वामी और कब्जाधारी हैं।

विवाद तब शुरू हुआ जब वक्फ बोर्ड ने 21 अगस्त 1999 को एक पत्र जारी कर उक्त भूमि को “जमात अहले हदीस” को ईदगाह निर्माण के लिए आवंटित कर दिया। इसके खिलाफ वादियों ने वक्फ ट्रिब्यूनल में मुकदमा दायर कर स्थायी निषेधाज्ञा (permanent injunction) और घोषणा (declaration) की मांग की।

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हालांकि, ट्रिब्यूनल ने 2009 में वादियों के खिलाफ फैसला दिया। इसके बाद वादियों ने हाई कोर्ट का रुख किया, जहां 2011 में ट्रिब्यूनल का फैसला पलट दिया गया और वादियों के पक्ष में निर्णय आया।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान रिकॉर्ड और तथ्यों का विस्तार से परीक्षण किया। अदालत ने यह देखा कि क्या संबंधित भूमि वास्तव में वक्फ संपत्ति थी या वादियों का निजी स्वामित्व सिद्ध होता है।

पीठ ने स्पष्ट किया कि केवल वक्फ बोर्ड द्वारा किसी संपत्ति को वक्फ घोषित कर देना पर्याप्त नहीं है, जब तक कि उसके समर्थन में ठोस साक्ष्य मौजूद न हों।

अदालत ने कहा,

“रिकॉर्ड में ऐसा कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया जिससे यह स्थापित हो सके कि विवादित भूमि विधिवत वक्फ संपत्ति है।”

इसके साथ ही, अदालत ने यह भी माना कि वादियों का कब्जा और स्वामित्व का दावा दस्तावेजों के आधार पर अधिक मजबूत प्रतीत होता है।

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सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ बोर्ड की अपील को खारिज कर दिया।

अदालत ने हाई कोर्ट के निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि ट्रिब्यूनल का आदेश उचित नहीं था और उसे पलटना सही कदम था।

इस प्रकार, वादियों के पक्ष में दिया गया हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रखा गया और वक्फ बोर्ड को कोई राहत नहीं दी गई।

Case Details

Case Title: A.P. State Wakf Board vs Janaki Busappa & Others

Case Number: Civil Appeal No. 1946 of 2013

Judge: Justice Augustine George Masih and Justice M.M. Sundresh

Decision Date: April 24, 2026

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