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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जॉली LLB 3 की रिलीज़ रोकने की याचिका खारिज की, कहा- आपत्तिजनक कुछ नहीं मिला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जॉली LLB 3 पर रोक की याचिका खारिज की, कहा ट्रेलर और गाने में न्यायपालिका का अपमान नहीं।

Vivek G.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जॉली LLB 3 की रिलीज़ रोकने की याचिका खारिज की, कहा- आपत्तिजनक कुछ नहीं मिला

लखनऊ स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो वकीलों द्वारा दायर उस रिट याचिका को खारिज कर दिया जिसमें आने वाली फिल्म जॉली LLB 3 की रिलीज़ और स्क्रीनिंग पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि फिल्म का ट्रेलर और प्रमोशनल गाना वकालत पेशे का मज़ाक उड़ाता है और न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। लेकिन अदालत इस दलील से सहमत नहीं हुई।

पृष्ठभूमि

यह मामला जय वर्धन शुक्ला एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य के नाम से दर्ज था, जिसकी सुनवाई न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति बृज राज सिंह ने की। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से केंद्र सरकार और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को निर्देश देने की मांग की थी कि फिल्म की रिलीज़ रोकी जाए, उसका प्रमाणपत्र रद्द किया जाए और गाना “भाई वकील है” सभी प्लेटफॉर्म से हटाया जाए। साथ ही उन्होंने फिल्म के निर्देशक, कलाकारों और निर्माताओं से सार्वजनिक माफ़ी की भी मांग की।

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याचिकाकर्ताओं के अनुसार फिल्म का ट्रेलर वकीलों को “अपमानजनक” तरीके से दिखाता है और निर्माता केवल व्यावसायिक लाभ के लिए न्यायपालिका का मज़ाक बना रहे हैं। उनका कहना था कि इससे कानून के छात्रों का मनोबल टूटेगा, वकीलों की छवि धूमिल होगी और यह अदालत की अवमानना तक हो सकती है।

अदालत की टिप्पणियाँ

भारत सरकार की ओर से उपस्थित डिप्टी सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया ने प्रारंभिक आपत्ति उठाई। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने न तो CBFC से संपर्क किया और न ही सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत तय प्रक्रिया अपनाई, जिसमें ऑनलाइन कंटेंट की शिकायत पहले प्रकाशक या प्लेटफॉर्म से करनी होती है।

पीठ ने स्पष्ट किया, “बिना सक्षम प्राधिकारी को पहले आवेदन दिए और उसके अस्वीकार या नकारे जाने के बिना मंडामस का रिट जारी नहीं किया जा सकता।”

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न्यायाधीशों ने यह भी बताया कि उन्होंने खुद फिल्म के तीनों आधिकारिक ट्रेलर और विवादित गाना देखा। इसके बाद उन्होंने कहा, “हमें ऐसा कोई आपत्तिजनक अंश नहीं मिला जिस पर अदालत को दखल देना पड़े।” वहीं “भाई वकील है” गाने के बोलों में भी उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं पाई जो वकीलों के पेशेवर कार्य में बाधा डाले।

फैसला

अंत में, अदालत ने 2 सितंबर 2025 को यह रिट याचिका खारिज कर दी और कोई लागत भी नहीं लगाई। इस आदेश के साथ, बहुप्रतीक्षित जॉली LLB 3 की रिलीज़ के रास्ते में इलाहाबाद हाईकोर्ट की तरफ से अब कोई कानूनी रोक नहीं रह गई है।

केस का शीर्षक: जयवर्धन शुक्ला एवं अन्य बनाम भारत संघ, सचिव, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय एवं अन्य के माध्यम से

केस संख्या: रिट-सी संख्या 8488/2025

निर्णय की तिथि: 2 सितंबर 2025

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