दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को अभिनेता राजपाल यादव की जेल सजा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। इस आदेश से उनकी फिलहाल रिहाई का रास्ता साफ हो गया। अदालत ने यह राहत तब दी, जब यादव ने शिकायतकर्ता कंपनी को ₹1.5 करोड़ का भुगतान किया और परिवार में शादी का हवाला दिया।
मामले की पृष्ठभूमि
मई 2024 में सत्र अदालत ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को ₹2.5 करोड़ के बकाया को लेकर छह महीने की सजा सुनाई थी। बाद में हाईकोर्ट ने यह कहते हुए सजा पर रोक लगाई थी कि वह मामला आपसी सहमति से सुलझा लेंगे। लेकिन तय समय पर भुगतान नहीं हुआ।
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2 फरवरी को अदालत ने ड्राफ्ट में गलती की दलील खारिज करते हुए कहा था कि उसे ठीक करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। तय तारीखों पर रकम जमा न होने पर यादव को सरेंडर करने का आदेश दिया गया। समय बढ़ाने की मांग भी ठुकरा दी गई और उन्होंने 5 फरवरी को आत्मसमर्पण किया।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांत शर्मा ने रिकॉर्ड किया कि अब शिकायतकर्ता कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को ₹1.5 करोड़ दिए जा चुके हैं।
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अदालत ने कहा,
“अगली सुनवाई तक सजा का अंतरिम निलंबन रहेगा… आपको अदालत में या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद रहना होगा। किसी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए।”
इससे पहले कोर्ट यह भी कह चुकी है कि किसी की हैसियत या पेशा विशेष रियायत का आधार नहीं बन सकता।
परिवार में 19 फरवरी को शादी होने की दलील और आंशिक भुगतान को देखते हुए हाईकोर्ट ने 18 मार्च तक सजा निलंबित कर दी और अगली तारीख पर उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।










