सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसले में धोखाधड़ी से जुड़े मामले में आरोपियों को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने अंतरिम जमानत को स्थायी करते हुए यह स्पष्ट किया कि आरोपियों द्वारा जमा की गई राशि अब शिकायतकर्ताओं को दी जाएगी। मामला केरल के कन्नूर जिले से जुड़ा है, जहां तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला राजेश नांबियार और एक अन्य आरोपी से जुड़ा है, जिन पर ₹60 लाख की धोखाधड़ी का आरोप है। उनके खिलाफ थलिपरम्बा पुलिस स्टेशन में तीन एफआईआर दर्ज हुई थीं।
आरोपियों ने गिरफ्तारी से राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इससे पहले, 23 अक्टूबर 2024 को कोर्ट ने उन्हें अंतरिम अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन शर्त रखी गई थी कि वे एक निश्चित राशि अदालत में जमा करेंगे।
कोर्ट की सुनवाई और टिप्पणी
सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी पहले ही ₹42 लाख की रकम ट्रायल कोर्ट में जमा कर चुके हैं। शिकायतकर्ता के वकील ने दलील दी कि धोखाधड़ी की रकम ₹60 लाख है और जमा राशि उन्हें दी जानी चाहिए।
इस पर पीठ ने कहा, “जब राशि पहले ही अदालत में जमा हो चुकी है और जांच पूरी हो चुकी है, तो शिकायतकर्ताओं को उसका लाभ मिलना चाहिए।”
न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ ने माना कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।
अदालत का निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि जमा की गई ₹42 लाख की राशि तीनों मामलों में समान रूप से बांटी जाए।
हर शिकायतकर्ता को ₹14 लाख दिए जाने का निर्देश दिया गया है। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रायल कोर्ट के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी।
Read also:- ₹5 करोड़ के टेलीकॉम घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, ग्रे रूटिंग केस में अग्रिम जमानत
साथ ही, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि-
- अंतरिम जमानत अब स्थायी रहेगी
- आरोपी जांच अधिकारी के सामने पेश होते रहेंगे
- ट्रायल के दौरान पूरा सहयोग करेंगे
इसके साथ ही सभी अपीलों का निपटारा कर दिया गया।
Case Title: Rajesh Nambiar & Anr. vs State of Kerala
Case No.: Criminal Appeal No. 300–302 of 2026
Decision Date: 16 January 2026










