केरल हाईकोर्ट ने सबरीमला मंदिर परिसर में तैनात कर्मचारियों पर लगे वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने ट्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के मुख्य सतर्कता अधिकारी को विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं और तीन सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है।
यह आदेश 11 फरवरी 2026 को न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी. और न्यायमूर्ति के. वी. जयकुमार की खंडपीठ ने पारित किया।
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मामला क्या है
यह पूरा मामला सबरीमला के मंडला–मकरविलक्कु सीजन 2025-26 के दौरान सन्निधानम में कार्यरत अस्थायी और स्थायी कर्मचारियों से जुड़ा है।
Travancore Devaswom Board के विशेष आयुक्त की रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) लिया। रिपोर्ट में कहा गया कि कुछ कर्मचारियों द्वारा कम समय में बड़ी रकम मनी ऑर्डर और बैंक के जरिए भेजी गई, जिससे पैसों के स्रोत को लेकर संदेह पैदा हुआ।
रिपोर्ट के अनुसार, केवल डाकघर के माध्यम से ही 17 नवंबर 2025 के बाद एक छोटी अवधि में ₹14,08,880 की रकम भेजी गई। इनमें से पांच कर्मचारियों ने ₹25,000 से अधिक की रकम ट्रांसफर की थी।
एक कर्मचारी द्वारा ₹1,38,000 और दूसरे द्वारा ₹1,07,450 भेजे जाने का उल्लेख भी रिपोर्ट में है। तीन अन्य कर्मचारियों के मामले में भी इसी तरह की लेनदेन पाई गई।
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प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया
रिपोर्ट में बताया गया कि कार्यकारी अधिकारी को गुप्त सूचना मिलने के बाद मुख्य सतर्कता एवं सुरक्षा अधिकारी ने गोपनीय जांच कराई। इस दौरान सन्निधानम स्थित भारतीय स्टेट बैंक और धनलक्ष्मी बैंक के साथ-साथ डाकघरों से भी वित्तीय विवरण जुटाए गए।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया, वे उपस्थित नहीं हुए।
अदालत ने इस पहलू को गंभीर मानते हुए कहा कि मामले की तह तक जाना जरूरी है।
कोर्ट की टिप्पणी
खंडपीठ ने आदेश में कहा, “हमारे संज्ञान में लाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच आवश्यक है।”
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल सतही जांच पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि सभी संबंधित पहलुओं की व्यापक जांच की जानी चाहिए।
Travancore Devaswom Board की ओर से पेश स्थायी वकील ने अदालत को बताया कि देवस्वोम आयुक्त ने सन्निधानम पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दे दिए हैं।
उन्होंने कहा कि “एक विस्तृत आपराधिक जांच की जाएगी, जिसमें कर्मचारियों के बैंक खातों की भी जांच शामिल होगी।”
यह भी बताया गया कि सभी संदिग्ध लेनदेन का विवरण इकट्ठा किया जा रहा है और कानून के अनुसार अपराध दर्ज किया जाएगा।
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हाईकोर्ट के निर्देश
अदालत ने मुख्य सतर्कता एवं सुरक्षा अधिकारी (एसपी) को निम्नलिखित निर्देश दिए:
- सन्निधानम स्थित भारतीय स्टेट बैंक, धनलक्ष्मी बैंक, डाकघर और आसपास के अन्य वित्तीय संस्थानों से सभी संबंधित लेनदेन का विवरण प्राप्त किया जाए।
- संबंधित अवधि में सन्निधानम में ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मचारियों-चाहे वे अस्थायी, दैनिक वेतनभोगी या स्थायी हों-का पूरा डाटा एकत्र किया जाए।
- सभी लेनदेन की गहन जांच कर यह पता लगाया जाए कि कहीं किसी प्रकार की धोखाधड़ी या अवैध फंड ट्रांसफर तो नहीं हुआ।
अदालत ने कहा, “एक व्यापक रिपोर्ट तीन सप्ताह के भीतर इस न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाए।”
अदालत का अंतिम आदेश
खंडपीठ ने मामले को 11 मार्च 2026 के लिए सूचीबद्ध करते हुए जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
मामले की अगली सुनवाई तक विस्तृत जांच जारी रहेगी।
Case Title: Suo Motu v. State of Kerala & Others
Case No.: SSCR No. 7 of 2026
Decision Date: 11 February 2026










