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वकील की पहचान का दुरुपयोग: दिल्ली उच्च न्यायालय ने वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा को संरक्षण दिया

विकास पाहवा बनाम अशोक कुमार (जॉन डो) और अन्य - दिल्ली उच्च न्यायालय ने वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा की तस्वीरों के सोशल मीडिया पर दुरुपयोग पर रोक लगाई और ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल की गई सामग्री को हटाने का आदेश दिया।

Shivam Y.
वकील की पहचान का दुरुपयोग: दिल्ली उच्च न्यायालय ने वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा को संरक्षण दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार 20 जनवरी को वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पहवा के नाम, तस्वीर और पहचान के दुरुपयोग पर सख्त रुख अपनाते हुए सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे फर्जी कंटेंट को हटाने का आदेश दिया।

मामले की पृष्ठभूमि

वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पहवा ने हाईकोर्ट का रुख करते हुए कहा कि उनकी कई तस्वीरें बिना अनुमति सोशल मीडिया पर इस्तेमाल की जा रही हैं। उनका आरोप था कि अज्ञात लोग इन तस्वीरों का उपयोग लोगों को धोखा देने और आर्थिक ठगी करने के लिए कर रहे हैं।

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उनका कहना था कि फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उनकी तस्वीरों से फर्जी प्रोफाइल और पोस्ट बनाई गई हैं, जिससे उनकी छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है।

सुनवाई के दौरान पहवा की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया,

“इन तस्वीरों का इस्तेमाल लोगों से ठगी करने के लिए किया जा रहा है।”

कोर्ट की टिप्पणी

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की पहचान, नाम और पेशेवर विवरण का इस तरह दुरुपयोग गंभीर विषय है।

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अदालत ने माना कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी की पहचान का गलत इस्तेमाल न केवल अवैध है, बल्कि इससे व्यक्ति की प्रतिष्ठा को भी भारी नुकसान हो सकता है।

कोर्ट का फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए अज्ञात व्यक्तियों (जॉन डो) और कई सोशल मीडिया संस्थाओं को विकास पहवा की तस्वीर, नाम, पहचान और पंजीकरण विवरण के अनधिकृत उपयोग से रोक दिया।

साथ ही अदालत ने ऑनलाइन मौजूद ऐसे सभी आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने का भी निर्देश दिया।

अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा,

“अनुमति के बिना वरिष्ठ अधिवक्ता की पहचान का उपयोग नहीं किया जा सकता।”

Case Title: Vikas Pahwa v. Ashok Kumar (John Doe) & Others

Date of Order:- January 20 -2026

Next Date of Hearing: March 12-2026

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