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‘The Kerala Story 2’ के नाम से हटे “केरल”? हाईकोर्ट में नई PIL, साम्प्रदायिक सद्भाव पर सवाल

चंद्रमोहन के.सी. और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य - केरल उच्च न्यायालय ने फिल्म के शीर्षक से 'केरल' शब्द हटाने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की, जिसमें सांप्रदायिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और भ्रामक चित्रण का आरोप लगाया गया है।

Shivam Y.
‘The Kerala Story 2’ के नाम से हटे “केरल”? हाईकोर्ट में नई PIL, साम्प्रदायिक सद्भाव पर सवाल

केरल उच्च न्यायालय में एक नई जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई हुई, जिसमें हाल ही में रिलीज हुई फिल्म The Kerala Story 2: Goes Beyond के शीर्षक से “केरल” या “केरलम” शब्द हटाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि फिल्म का नाम राज्य और उसके मुस्लिम समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचाता है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह याचिका एक सेवानिवृत्त सामाजिक विज्ञान शिक्षक और एक मुस्लिम महिला अधिवक्ता ने दायर की है। उनका तर्क है कि फिल्म के शीर्षक में “केरल” शब्द का इस्तेमाल यह संकेत देता है कि राज्य जबरन धर्मांतरण और चरमपंथी गतिविधियों का केंद्र है।

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पिछले सप्ताह फिल्म की रिलीज को लेकर अदालत में तेज घटनाक्रम हुआ था। एकल पीठ ने टीज़र के कुछ दृश्यों को साम्प्रदायिक सद्भाव के लिए खतरा बताते हुए रिलीज पर रोक लगा दी थी।

इसके बाद निर्माता ने तुरंत अपील दायर की। डिवीजन बेंच ने आपात सुनवाई में रोक हटाते हुए कहा कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने पूरी फिल्म देखकर प्रमाणपत्र दिया है, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि बिना विचार के अनुमति दी गई।

नई PIL में कहा गया है कि अपील की सुनवाई उसी दिन शाम करीब 7:30 बजे तय की गई, जबकि एकल न्यायाधीश का विस्तृत आदेश तब तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध भी नहीं हुआ था।

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याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि फिल्म में 150 से अधिक पात्र इस्लामी आस्था से जुड़े दिखाए गए हैं और उन्हें एकतरफा नकारात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है। इससे राज्य और मुस्लिम समुदाय के प्रति शत्रुता की भावना पैदा हो सकती है।

याचिका में भारत का सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व अवलोकनों का भी हवाला दिया गया है, जहां कहा गया था कि जबरन धर्मांतरण और भर्ती के आंकड़े वास्तविक नहीं बल्कि बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए थे।

याचिकाकर्ताओं ने केंद्र सरकार और CBFC को निर्देश देने की मांग की है कि फिल्म को “केरल/केरलम” शब्द वाले शीर्षक के साथ प्रदर्शित, प्रसारित या प्रचारित न किया जाए।

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साथ ही, उन्होंने यह भी मांग की है कि फिल्म के साथ स्पष्ट अस्वीकरण (डिस्क्लेमर) दिखाया जाए कि कहानी पूरी तरह काल्पनिक है और केरल को आतंकवाद का केंद्र बताने का कोई आधिकारिक आधार नहीं है।

मामला फिलहाल केरल उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है।

Case Title: Chandramohan K.C. and Anr. v. Union of India and Ors.

Case No.: WP(PIL) 39/2026

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