नई दिल्ली में आज सुप्रीम कोर्ट में एक संक्षिप्त लेकिन अहम सुनवाई हुई। मामला था ट्रांसजेंडर अधिकारों से जुड़े एक पुराने आदेश से संबंधित सलाहकार समिति की संरचना का।
यह सुनवाई मिसलेनियस एप्लीकेशन नंबर 196 ऑफ 2026 में हुई, जो रिट पिटिशन (सिविल) नंबर 1405 ऑफ 2023 से जुड़ी है। याचिकाकर्ता जेन कौशिक हैं, जबकि प्रतिवादी केंद्र सरकार सहित अन्य पक्ष हैं।
कोर्ट को बताया गया कि 17 अक्टूबर 2025 के आदेश से गठित सलाहकार समिति में सेंटर फॉर लॉ एंड पॉलिसी रिसर्च का प्रतिनिधित्व कर रहीं निथ्या राजशेखर अब उस संस्थान से जुड़ी नहीं हैं। इसी आधार पर एमिकस क्यूरी एडवोकेट जयना कोठारी ने आवेदन दाखिल कर नई सदस्य को शामिल करने की मांग की।
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इस पर जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने स्पष्ट किया कि निथ्या राजशेखर ट्रांसजेंडर अधिकारों पर अपने लंबे और गहन कार्य को देखते हुए समिति की सदस्य बनी रहेंगी। पीठ ने कहा कि उनका योगदान इस क्षेत्र में बेहद महत्वपूर्ण रहा है।
साथ ही, समिति के सुचारू कामकाज को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने अपर्णा मेहरोत्रा को भी समिति में शामिल करने का आदेश दिया। अपर्णा मेहरोत्रा सेंटर फॉर लॉ एंड पॉलिसी रिसर्च में सीनियर एसोसिएट हैं।
अदालत ने कहा कि अपर्णा मेहरोत्रा संस्था की ओर से ट्रांसजेंडर अधिकारों से जुड़ी शोध और विशेषज्ञता का प्रतिनिधित्व करेंगी। इन निर्देशों के साथ अदालत ने आवेदन का निपटारा कर दिया।
Case Title: Jane Kaushik vs Union of India & Ors.
Case No.: Misc. Application No. 196 of 2026
Decision Date: 6 February 2026








