दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म न्यूज़लॉन्ड्री को टीवी टुडे नेटवर्क और उसके चैनलों आज तक और इंडिया टुडे के खिलाफ की गई कुछ टिप्पणियां हटाने का निर्देश दिया।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद अक्टूबर 2021 में शुरू हुआ, जब टीवी टुडे ने आरोप लगाया कि न्यूज़लॉन्ड्री ने वीडियो और लेखों के जरिए उसके चैनलों, एंकरों और प्रबंधन के खिलाफ झूठे और अपमानजनक बयान दिए।
न्यूज़लॉन्ड्री ने दलील दी कि उसका कंटेंट आलोचना और व्यंग्य है, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत संरक्षित है।
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जुलाई 2022 में एकल पीठ ने टीवी टुडे को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद दोनों पक्षों ने अपील दायर की।
जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने टीवी टुडे के पक्ष में प्रारंभिक रूप से मामला मजबूत माना।
अदालत ने कहा,
“प्रथम दृष्टया व्यावसायिक अपमान (commercial disparagement) का मामला बनता है। संबंधित टिप्पणियां पक्षपातपूर्ण हैं और बिना किसी स्वतंत्र मानक के की गई हैं।”
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कोर्ट ने यह भी माना कि “यदि ये टिप्पणियां ऑनलाइन बनी रहती हैं, तो इससे टीवी टुडे की साख को गंभीर और अपूरणीय नुकसान होगा।”
अदालत ने जोड़ा,
“ऐसा नुकसान केवल पैसे से पूरा नहीं किया जा सकता, इसलिए अंतरिम सुरक्षा जरूरी है।”
खंडपीठ ने टीवी टुडे की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए न्यूज़लॉन्ड्री को “shit”, “shit show”, “high on weed or opium” और “your punctuation is as bad as your journalism” जैसी टिप्पणियां अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया से हटाने का निर्देश दिया।
Case Title: TV Today Network Ltd vs Newslaundry Media Pvt Ltd Other Connected Matter










