सुप्रीम कोर्ट ने एक 3.8 वर्षीय बच्ची से जुड़े गंभीर POCSO मामले में गुरुग्राम पुलिस की जांच पर कड़ी आपत्ति जताई है। अदालत ने पाया कि जांच में गंभीर खामियां और असंवेदनशीलता रही, जिससे पीड़िता की पीड़ा और बढ़ी।
मामले की पृष्ठभूमि
मामला दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच हुई एक कथित घटना से जुड़ा है, जिसकी जानकारी 2 फरवरी 2026 को सामने आई। अदालत के समक्ष प्रस्तुत रिकॉर्ड और रिपोर्टों से संकेत मिला कि बच्ची के साथ गंभीर अपराध हुआ, लेकिन पुलिस ने मामले को हल्का दिखाने की कोशिश की।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने “पीड़िता की बात को कमजोर करने और माता-पिता की चिंताओं को बढ़ा-चढ़ाकर बताने की कोशिश की।”
अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा,
“रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री से prima facie यह स्पष्ट है कि मामला POCSO Act की धारा 6 के तहत आता है।”
कोर्ट ने यह भी नोट किया कि पुलिस ने बिना उचित कारण के गंभीर आरोप को धारा 10 के तहत दर्ज कर दिया, जो अपराध की गंभीरता को कम करता है।
बाल कल्याण समिति (CWC) की भूमिका पर भी अदालत ने गंभीर चिंता जताई और कहा कि उसकी रिपोर्ट ने स्थिति को और खराब किया।
सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस के बदलते रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे जांच की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर संदेह पैदा होता है।
कोर्ट ने टिप्पणी की कि,
“इस तरह के संवेदनशील मामले में मानवीय और निष्पक्ष जांच अनिवार्य है, जिससे पीड़िता की गरिमा सुरक्षित रह सके।”
निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट ने तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों की Special Investigation Team (SIT) गठित की। SIT को तुरंत जांच अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया गया।
गुरुग्राम पुलिस को आदेश दिया गया कि वह 26 मार्च 2026 तक सभी रिकॉर्ड SIT को सौंपे। साथ ही संबंधित पुलिस अधिकारियों को जांच से अलग कर दिया गया और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
CWC के सदस्यों और एक डॉक्टर को भी स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया।
कोर्ट ने आगे निर्देश दिया कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों से पीड़िता की पहचान हटाई जाए और सुनवाई POCSO कोर्ट में महिला न्यायिक अधिकारी के समक्ष हो।
मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई।
Case Details
Case Title: XXX vs State of Haryana & Ors.
Case Number: Writ Petition (Criminal) No. 123/2026
Judge: CJI Surya Kant, Justice Joymalya Bagchi, Justice Vipul M. Pancholi
Decision Date: 25 March 2026










