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सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) संशोधन नियम, 2025, भारत में AI-जनित और सिंथेटिक सामग्री का विनियमन

भारत के नए आईटी नियम 2025 मसौदे में एआई-जनित या कृत्रिम सामग्री पर स्पष्ट लेबल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही अनिवार्य की गई है।

Vivek G.
सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) संशोधन नियम, 2025, भारत में AI-जनित और सिंथेटिक सामग्री का विनियमन

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सामग्री पर निगरानी कड़ी करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने आईटी नियम, 2021 में नए संशोधन का प्रस्ताव रखा है-जिसमें पहली बार “कृत्रिम रूप से उत्पन्न सूचना” (synthetically generated information) शब्द को भारतीय कानून में शामिल किया गया है।

अक्टूबर 2025 में जारी मसौदा अधिसूचना के अनुसार, एआई या एल्गोरिदम द्वारा बनाई या बदली गई सामग्री जैसे डीपफेक, नकली ऑडियो क्लिप या परिवर्तित दृश्य पर अब एक दृश्यमान या श्रव्य लेबल अनिवार्य होगा, जो यह दर्शाएगा कि सामग्री कृत्रिम रूप से बनाई गई है। ऐसे प्लेटफॉर्म जो एआई टूल्स प्रदान करते हैं, उन्हें प्रत्येक सामग्री में एक स्थायी डिजिटल टैग या मेटाडाटा जोड़ना होगा, जो दृश्य सतह के कम से कम 10% हिस्से या ऑडियो की शुरुआती अवधि के 10% में प्रदर्शित हो।

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सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज़, यानी बड़ी प्लेटफॉर्म कंपनियां जो उपयोगकर्ता सामग्री होस्ट करती हैं, उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि अपलोड की गई सामग्री कृत्रिम रूप से उत्पन्न है या नहीं, और यदि है, तो उसे स्पष्ट लेबल के साथ प्रदर्शित किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने पर आईटी अधिनियम के तहत उचित परिश्रम (due diligence) में विफलता माना जा सकता है।

मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस संवाददाता को बताया कि यह कदम “ऑनलाइन सूचना पारिस्थितिकी तंत्र में जनता के विश्वास को बहाल करने” के उद्देश्य से उठाया गया है, क्योंकि एआई टूल्स तेजी से वास्तविक और कृत्रिम सामग्री के बीच की रेखा मिटा रहे हैं। हालांकि, डिजिटल अधिकार कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि इसे लागू करते समय नवाचार को बाधित करने या रचनात्मक सामग्री को गलत तरीके से चिह्नित करने से बचना चाहिए।

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यदि यह संशोधन अधिसूचित हो जाता है, तो “सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) संशोधन नियम, 2025” भारत में कृत्रिम मीडिया और एआई-जनित गलत सूचना को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम होगा।

Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Amendment Rules, 2025 - Regulation of AI-Generated and Synthetic Content in India

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