सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से जुड़े एक हत्या मामले में अहम आदेश पारित किया है। अदालत ने करीब आठ महीने से जेल में बंद महिला आरोपी जानकी को जमानत दे दी। कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि वह दो छोटे बच्चों की मां है और जांच पूरी हो चुकी है।
यह आदेश 16 फरवरी 2026 को सुनाया गया।
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मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला महोबा जिले के थाना महोबा क्षेत्र में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शिकायतकर्ता के अनुसार 21 मई 2025 की रात करीब 8 बजे उसके छोटे भाई विनोद के साथ मारपीट की जा रही थी। आरोप है कि जानकी और उसके पति गुलाब अहिरवार ने विनोद के साथ हाथापाई की।
एफआईआर में यह भी कहा गया कि जब शिकायतकर्ता ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उसके साथ भी मारपीट की गई। आरोप के मुताबिक, विनोद को पकड़कर ट्रक के नीचे धकेल दिया गया।
इस घटना के बाद 22 मई 2025 को भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की विभिन्न धाराओं-105, 115(2), 352, 351(2) और 106(1)-के तहत मामला दर्ज किया गया। जानकी को 23 मई 2025 को गिरफ्तार किया गया था।
हाईकोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने की। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकीलों ने दलील दी कि जांच पूरी हो चुकी है, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और आरोप भी तय हो गए हैं। ऐसे में आगे हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है।
राज्य की ओर से जमानत का विरोध किया गया। हालांकि अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों और परिस्थितियों को देखा।
पीठ ने कहा, “तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए तथा यह ध्यान में रखते हुए कि याचिकाकर्ता एक महिला है और उसके दो छोटे बच्चे हैं, हम उसे जमानत पर रिहा करने के इच्छुक हैं।”
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अदालत का निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जानकी को सत्र न्यायाधीश, महोबा की संतुष्टि पर जमानत दी जाएगी।
अदालत ने कहा कि चूंकि जांच पूरी हो चुकी है और आरोप तय हो चुके हैं, इसलिए इस स्तर पर जमानत दी जा सकती है।
इसके साथ ही विशेष अनुमति याचिका (SLP) का निस्तारण कर दिया गया। लंबित अन्य आवेदन भी समाप्त मान लिए गए।
Case Title: Janaki vs State of Uttar Pradesh
Case No.: SLP (Crl.) No. 1711 of 2026
Decision Date: 16 February 2026










