रांची स्थित झारखंड उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में साफ किया कि बिना विधिवत विभागीय जांच के किसी सेवानिवृत्त कर्मचारी की पेंशन में कटौती नहीं की जा सकती। अदालत ने राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए एकल न्यायाधीश के आदेश को बरकरार रखा।
मामले की पृष्ठभूमि
मामला एक सेवानिवृत्त जूनियर इंजीनियर ब्रजेश्वर सिंह से जुड़ा है, जिन पर 2003-04 के दौरान माइक्रोलिफ्ट सिंचाई योजनाओं में अनियमितताओं के आरोप लगे थे।
विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें 2017 में 15% पेंशन कटौती की सजा दी गई। इस आदेश को उन्होंने हाई कोर्ट में चुनौती दी, जहां एकल न्यायाधीश ने इसे रद्द कर दिया। इसके बाद राज्य सरकार ने डिवीजन बेंच में अपील दायर की।
अदालत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि पेंशन कटौती जैसे दंड के लिए कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है।
पीठ ने कहा,
“केवल आरोपों के आधार पर पेंशन में कटौती नहीं की जा सकती, जब तक कि उन्हें विधिवत विभागीय या न्यायिक कार्यवाही में साबित न किया जाए।”
अदालत ने यह भी पाया कि:
- कर्मचारी के खिलाफ कोई पूर्ण विभागीय जांच (full-fledged inquiry) नहीं की गई
- आरोपों को साबित करने के लिए कोई चार्जशीट जारी नहीं हुई
- केवल एक घटना के आधार पर पूरी सेवा को “असंतोषजनक” नहीं कहा जा सकता
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पीठ ने कहा,
“पूरे सेवा रिकॉर्ड को देखे बिना किसी एक घटना के आधार पर पेंशन में कटौती करना उचित नहीं है।”
अदालत ने झारखंड पेंशन नियम, 2000 के नियम 43(b) और 139(c) की व्याख्या करते हुए कहा कि:
- पेंशन कटौती तभी संभव है जब
- सेवा पूरी तरह संतोषजनक न हो, या
- गंभीर कदाचार (grave misconduct) साबित हो
- “गंभीर कदाचार” केवल आरोप से नहीं, बल्कि विधिवत जांच से सिद्ध होना चाहिए
डिवीजन बेंच ने पाया कि इस मामले में न तो विधिवत विभागीय जांच हुई और न ही आरोप साबित किए गए।
अदालत ने कहा कि:
“कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना पेंशन में कटौती का आदेश वैध नहीं ठहराया जा सकता।”
इसी आधार पर अदालत ने राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी और एकल न्यायाधीश के आदेश को बरकरार रखा, जिसमें पेंशन कटौती को रद्द किया गया था।
Case Details
Case Title: State of Jharkhand & Ors. v. Brajeshwar Singh
Case Number: L.P.A. No. 102 of 2025
Judge: Chief Justice M.S. Sonak & Justice Rajesh Shankar
Decision Date: 19 March 2026
Counsels:
- For Appellants: Mr. Anish Kr. Mishra
- For Respondent: Mr. Manoj Prasad, Ms. Jyoti Kumari










