भारत सर्वोच्च न्यायालय ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल लंबी सेवा का दावा करना पेंशन पाने के लिए पर्याप्त नहीं है। अदालत ने कहा कि पात्रता की शर्तें पूरी होना अनिवार्य है, अन्यथा पेंशन का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला के.जी. शेषाद्री बनाम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से संबंधित है, जिसमें अपीलकर्ता बैंक में क्लर्क के रूप में कार्यरत थे और उनकी सेवाएं वर्ष 1998 में समाप्त कर दी गई थीं।
वर्षों बाद, उन्होंने पेंशन का दावा करते हुए कहा कि उन्होंने 20 वर्ष से अधिक सेवा पूरी कर ली थी। इस दावे को पहले बैंक ने अस्वीकार किया, फिर मामला श्रम न्यायालय और मद्रास हाई कोर्ट तक पहुंचा, जहां उनकी याचिका खारिज हो गई।
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इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दो मुख्य सवालों पर विचार किया—
- क्या अपीलकर्ता ने 20 वर्ष की आवश्यक सेवा पूरी की?
- क्या उनका मामला स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (Voluntary Retirement) का है?
कोर्ट ने रिकॉर्ड का विश्लेषण करते हुए पाया कि अपीलकर्ता की सेवा की गणना उनकी पुष्टि (confirmation) की तारीख से होगी, न कि नियुक्ति की तारीख से।
“पीठ ने कहा, ‘रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि कर्मचारी ने 20 वर्ष की अनिवार्य सेवा पूरी नहीं की है।’”
कोर्ट ने यह भी पाया कि अपीलकर्ता की कुल सेवा अवधि 19 वर्ष 9 माह 25 दिन थी, जो आवश्यक 20 वर्ष से कम है।
दूसरे महत्वपूर्ण पहलू पर, अदालत ने कहा कि यह मामला स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का नहीं बल्कि सेवा का परित्याग (voluntary abandonment) का है।
“पीठ ने टिप्पणी की, ‘लंबे समय तक बिना सूचना अनुपस्थित रहना सेवा छोड़ने के बराबर है, इसे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति नहीं माना जा सकता।’”
कोर्ट ने SBI पेंशन फंड नियम, 1955 के नियम 22 का हवाला दिया।
- Rule 22(i)(c): 20 वर्ष सेवा के बाद, लिखित अनुरोध पर पेंशन
- Rule 22(i)(a): 20 वर्ष सेवा + 50 वर्ष आयु आवश्यक
अदालत ने पाया कि अपीलकर्ता इन दोनों शर्तों को पूरा नहीं करते।
“कोर्ट ने कहा, ‘पेंशन का अधिकार तभी बनता है जब सभी पात्रता शर्तें पूरी हों—यह कोई स्वचालित अधिकार नहीं है।’”
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न्यायालय का निर्णय
अंततः, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि—
- अपीलकर्ता ने 20 वर्ष की सेवा पूरी नहीं की
- उन्होंने 50 वर्ष की आयु भी प्राप्त नहीं की थी
- मामला स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का नहीं बल्कि सेवा छोड़ने का है
इन तथ्यों के आधार पर अदालत ने अपील को खारिज कर दिया।
“पीठ ने निष्कर्ष दिया, ‘पेंशन नियमों के तहत पात्रता सिद्ध न होने के कारण अपील खारिज की जाती है।’”
Case Details
Case Title: K.G. Seshadri vs The Trustees of State Bank of India & Another
Case Number: Civil Appeal No. 4279 of 2026
(Arising out of SLP (Civil) No. 12462 of 2022)
Court: Supreme Court of India
Bench / Judges: Justice Prashant Kumar Mishra and Justice N.V. Anjaria
Decision Date: April 8, 2026










