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महिला नौसेना अधिकारियों को झटका: सुप्रीम कोर्ट ने PC चयन प्रक्रिया में खामियां मानी, लेकिन नीति को बरकरार रखा

सुप्रीम कोर्ट ने नौसेना के PC चयन में ACR खामियां मानीं, लेकिन वैकेंसी नीति को सही ठहराते हुए Special Selection Board के जरिए पुनर्मूल्यांकन का आदेश दिया। - योगेंद्र कुमार सिंह बनाम भारत संघ और अन्य।

Shivam Y.
महिला नौसेना अधिकारियों को झटका: सुप्रीम कोर्ट ने PC चयन प्रक्रिया में खामियां मानी, लेकिन नीति को बरकरार रखा

नई दिल्ली से एक अहम फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय नौसेना के शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारियों (SSCOs), विशेषकर महिला अधिकारियों के स्थायी कमीशन (Permanent Commission - PC) से जुड़े विवाद पर विस्तृत निर्णय दिया। अदालत ने चयन प्रक्रिया में कुछ गंभीर खामियों को स्वीकार किया, लेकिन पूरी प्रणाली को असंवैधानिक नहीं माना।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला योगेन्द्र कुमार सिंह बनाम भारत संघ सहित कई अपीलों से जुड़ा था, जिसमें लगभग 25 SSCOs ज्यादातर महिला अधिकारी स्थायी कमीशन न मिलने के खिलाफ अदालत पहुंचे थे।

इन अधिकारियों को 2020 और 2022 में हुई चयन बोर्ड प्रक्रिया में PC नहीं दिया गया, जिसके बाद उन्होंने Armed Forces Tribunal (AFT) का रुख किया। AFT ने आदेश दिया था कि सभी प्रभावित अधिकारियों को दोबारा पारदर्शी तरीके से मूल्यांकन किया जाए।

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इसके बावजूद अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए और सुप्रीम कोर्ट में अपील की।

Court Observations

1. ACR (Annual Confidential Reports) में खामी

कोर्ट ने माना कि अधिकारियों के ACR उस समय तैयार किए गए थे जब उन्हें PC के लिए योग्य ही नहीं माना जाता था।

अदालत ने कहा:

“जब किसी अधिकारी को पहले से ही यह मान लिया गया हो कि उसका भविष्य सेवा में नहीं है, तो उसकी मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू से प्रभावित होती है।”

इस कारण कई अधिकारियों को औसत या कम ग्रेड दिए गए, जो बाद में उनके खिलाफ इस्तेमाल हुए।

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2. “Not Recommended for PC” का अनुचित प्रभाव

2009 के बाद ACR में “Recommended/Not Recommended for PC” कॉलम जोड़ा गया।

लेकिन जिन अधिकारियों को नीति के कारण PC के लिए अयोग्य माना गया था, उनके लिए यह कॉलम स्वतः “Not Recommended” भर दिया गया।

कोर्ट ने पाया कि: यह वास्तविक मूल्यांकन नहीं बल्कि नीति का परिणाम था, जिसे बाद में चयन के दौरान उनके खिलाफ इस्तेमाल किया गया।

3. Dynamic Vacancy Model पर कोर्ट का रुख

अधिकारियों ने 2020 के चयन में अपनाए गए “Dynamic Vacancy Model” को चुनौती दी।

लेकिन कोर्ट ने इसे सही ठहराया और कहा कि:

  • यह एक विशेष परिस्थिति में अपनाया गया एकमुश्त उपाय था
  • नौसेना की संरचना और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया

अदालत ने स्पष्ट किया:

“नीति का उद्देश्य यदि तर्कसंगत है, तो कोर्ट उसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा।”

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4. चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी

कोर्ट ने यह भी पाया कि:

  • चयन के मानदंड पहले से अधिकारियों को नहीं बताए गए
  • ACR और मूल्यांकन पद्धति की जानकारी भी साझा नहीं की गई

अदालत ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया।

फ़ैसला

सुप्रीम कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि:
  • ACR आधारित मूल्यांकन प्रणाली में गंभीर असमानता थी
  • पहले की अयोग्यता को बाद में “अयोग्यता” के रूप में इस्तेमाल करना गलत था
  • लेकिन रिक्ति निर्धारण और विशेष चयन बोर्ड को वैध माना गया

अंततः, कोर्ट ने AFT के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें:

  • सभी प्रभावित SSCOs के लिए विशेष चयन बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया गया
  • नई प्रक्रिया में स्पष्ट मानदंड, पारदर्शिता और उचित मूल्यांकन सुनिश्चित करने को कहा गया

Case Details

  • Case Title: Yogendra Kumar Singh vs Union of India & Ors.
  • Case Number: Civil Appeal No. 14681/2024 & connected matters
  • Judge: CJI Surya Kant, Justice Ujjal Bhuyan, Justice N. Kotiswar Singh
  • Decision Date: 24 March 2026

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