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पत्नी की कठिनाई और नाबालिग बच्चे के कल्याण का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने तलाक का मामला हरियाणा को स्थानांतरित कर दिया है।

रोशी बनाम वीरेंद्र सिंह, सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी की याचिका स्वीकार करते हुए तलाक केस राजस्थान से हरियाणा ट्रांसफर किया, नाबालिग बच्चे को देखते हुए फैसला।

Vivek G.
पत्नी की कठिनाई और नाबालिग बच्चे के कल्याण का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने तलाक का मामला हरियाणा को स्थानांतरित कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम पारिवारिक विवाद में पत्नी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए तलाक से जुड़े मुकदमे को राजस्थान से हरियाणा स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने माना कि महिला और उसकी नाबालिग बेटी की सुविधा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला रोशी बनाम विरेंद्र सिंह से जुड़ा है। पति द्वारा दायर तलाक याचिका राजस्थान के चूरू जिले के राजगढ़ स्थित अदालत में लंबित थी।

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पत्नी रोशी ने सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर पिटीशन दाखिल कर मांग की थी कि मामला हरियाणा के भिवानी स्थित फैमिली कोर्ट में स्थानांतरित किया जाए।

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह अपनी नाबालिग बेटी के साथ भिवानी में रह रही हैं और चूरू की दूरी लगभग 146 किलोमीटर है। इसके अलावा, उनसे जुड़े अन्य मामले भी भिवानी की अदालत में पहले से लंबित हैं।

कोर्ट की अहम टिप्पणियां

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और विजय बिश्नोई की पीठ ने परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कहा-

“याचिकाकर्ता एक नाबालिग बच्ची की मां है और लंबी दूरी तय करना उसके लिए कठिन हो सकता है। ऐसे मामलों में सुविधा का पहलू महत्वपूर्ण है।”

कोर्ट ने यह भी नोट किया कि एक ही पक्ष से जुड़े मामलों को अलग-अलग स्थानों पर सुनना व्यावहारिक नहीं है।

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कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि-

  • तलाक से जुड़ा मामला अब राजगढ़ (राजस्थान) से हटाकर
  • प्रिंसिपल जज, फैमिली कोर्ट, भिवानी (हरियाणा) को भेजा जाएगा।
  • संबंधित रिकॉर्ड तुरंत ट्रांसफर किए जाएं।
  • जहां संभव हो, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी की सुविधा दी जाए।
  • दोनों पक्षों के मामलों को एक ही तारीख पर सूचीबद्ध करने का प्रयास किया जाए।

अंत में अदालत ने स्पष्ट किया कि ट्रांसफर याचिका स्वीकार की जाती है और सभी लंबित आवेदन स्वतः निस्तारित माने जाएंगे।

Case Title: Roshi vs. Virender Singh

Case No.: Transfer Petition (Civil) No. 1536 of 2025

Decision Date: 13 January 2026

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