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सुप्रीम कोर्ट ने 'सवुक्कु शंकर' मामले में मद्रास HC के आदेश पर लगाई रोक, चार्जशीट निर्देश रद्द

ए. शंकर @ सवुक्कु शंकर बनाम तमिलनाडु राज्य, सुप्रीम कोर्ट ने सवुक्कु शंकर केस में मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई, चार्जशीट और ट्रायल से जुड़े निर्देश रद्द किए।

Vivek G.
सुप्रीम कोर्ट ने 'सवुक्कु शंकर' मामले में मद्रास HC के आदेश पर लगाई रोक, चार्जशीट निर्देश रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता ए. शंकर उर्फ सवुक्कु शंकर से जुड़े मामले में अहम टिप्पणी करते हुए मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को आंशिक रूप से रद्द कर दिया है, जिसमें पुलिस को तय समय में चार्जशीट दाखिल करने और ट्रायल जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी व्यक्ति को अदालत जाने की वजह से “और खराब स्थिति” में नहीं डाला जा सकता।

मामले की पृष्ठभूमि

सवुक्कु शंकर ने आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ लगातार झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं और पुलिस उनके संगठन के काम में दखल दे रही है। इस संबंध में उन्होंने फरवरी, मई और जून 2025 में अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराईं थीं।

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इसके बाद उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पुलिस कार्रवाई पर रोक और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए यह भी कहा कि लंबित मामलों में चार्जशीट चार महीने में दाखिल की जाए और 24 मामलों का ट्रायल छह महीने में पूरा किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा शामिल थे, ने हाईकोर्ट के इन निर्देशों पर कड़ी आपत्ति जताई।

अदालत ने कहा,

“कोई भी व्यक्ति अदालत का दरवाज़ा खटखटाने की वजह से पहले से खराब स्थिति में नहीं डाला जा सकता।”

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच अधिकारी को कानून के तहत स्वतंत्र रूप से यह तय करने का अधिकार है कि चार्जशीट दाखिल करनी है या नहीं। हाईकोर्ट द्वारा तय समय सीमा लगाना जांच प्रक्रिया में अनुचित हस्तक्षेप है।

पीठ ने यह भी दोहराया कि

“जांच या चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश देना न्यायिक सीमा से बाहर है, जब तक कोई असाधारण परिस्थिति न हो।”

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कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के पैरा 8 और 9 को रद्द कर दिया, जिनमें चार्जशीट दाखिल करने और ट्रायल जल्द खत्म करने के निर्देश दिए गए थे।

अदालत ने कहा कि-

  • पुलिस अपनी स्वतंत्र जांच जारी रखेगी
  • चार्जशीट केवल सबूतों के आधार पर दाखिल होगी
  • हाईकोर्ट के आदेश के बाद दाखिल की गई चार्जशीट अमान्य मानी जाएंगी
  • ट्रायल कोर्ट कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि शंकर को भविष्य में कानून के तहत उचित राहत लेने का अधिकार रहेगा।

Case Title: A. Shankar @ Savukku Shankar vs State of Tamil Nadu

Case No.: Criminal Appeal arising out of SLP (Crl.) No. 19727/2025

Decision Date: 16 January 2026

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