राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर पीठ ने एक महत्वपूर्ण आदेश में आसाराम उर्फ अशुमल को दी गई अंतरिम जमानत को एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। अदालत ने यह राहत उस स्थिति में दी जब अपील पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसला सुरक्षित रखा गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला डी.बी. क्रिमिनल अपील संख्या 123/2018 से जुड़ा है, जिसमें आरोपी आसाराम ने अपनी सजा के खिलाफ अपील दाखिल की थी। इस अपील के लंबित रहने के दौरान, अदालत ने पहले 29 अक्टूबर 2025 को छह महीने की अंतरिम जमानत दी थी।
इस दौरान, आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि अपील की अंतिम सुनवाई पूरी हो चुकी है और लिखित प्रस्तुतियाँ भी दाखिल की जा चुकी हैं। साथ ही, पहले के आदेश में यह अनुमति दी गई थी कि यदि अपील छह महीने में तय नहीं होती, तो जमानत बढ़ाने के लिए नई अर्जी दी जा सकती है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय प्रकाश शर्मा और न्यायमूर्ति संगीता शर्मा की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।
अदालत ने यह नोट किया कि अपील की सुनवाई 20 अप्रैल 2026 को पूरी हो चुकी है और निर्णय सुरक्षित रखा गया है।
अदालत ने कहा,
“लिखित प्रस्तुतियाँ दाखिल की जा चुकी हैं और मामले पर अंतिम सुनवाई हो चुकी है, इसलिए निर्णय आने तक अंतरिम राहत जारी रखना उचित होगा।”
राज्य की ओर से पेश वकील ने इस मांग का विरोध किया, लेकिन यह भी कहा कि यदि अदालत जमानत बढ़ाने के पक्ष में है, तो अवधि एक महीने से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद अंतरिम जमानत को एक महीने के लिए बढ़ाने का आदेश दिया।
पीठ ने स्पष्ट किया कि,
“पूर्व आदेश दिनांक 29.10.2025 में निर्धारित शर्तें यथावत लागू रहेंगी और उसी आधार पर जमानत को 25 मई 2026 तक या निर्णय सुनाए जाने की तिथि तक (जो भी पहले हो) बढ़ाया जाता है।”
इसके साथ ही, अदालत ने संबंधित अंतरिम आवेदन (I.A. No. 1/2026) का निस्तारण कर दिया।
Case Details
Case Title: Asharam @ Ashumal vs State of Rajasthan
Case Number: D.B. Criminal Misc. Suspension of Sentence Application No. 1837/2025 (in Criminal Appeal No. 123/2018)
Judge: Acting Chief Justice Sanjeev Prakash Sharma and Justice Sangeeta Sharma
Decision Date: April 29, 2026










