पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने एक अहम मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई और कर्मचारियों की शक्तियों के बीच संतुलन पर विचार करते हुए अपना फैसला सुनाया। यह मामला एक वयोवृद्ध कर्मचारी की सेवा समाप्ति और उसके खिलाफ़ की गई डिविज़न जांच से ख़त्म हुआ था।
मामले की पृष्ठभूमि
याचिकाकर्ता पूजा तनेजा ने अदालत का रुख करते हुए अपनी सेवा समाप्ति के आदेश को चुनौती दी थी। वह The Tribune Trust में वर्ष 2007 में मैनेजर (MIS) के रूप में नियुक्त हुई थीं और समय के साथ पदोन्नत होकर AGM (R) तक पहुंचीं।
मामले की शुरुआत मई 2023 में हुई, जब उन्हें एक शो-कॉज नोटिस जारी किया गया। आरोप था कि उन्होंने एक विज्ञापन एजेंसी को लगभग ₹25 लाख का इंसेंटिव जारी कर दिया, जबकि उससे संबंधित ₹8.92 लाख की बकाया राशि पहले सुरक्षित नहीं की गई थी।
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याचिकाकर्ता ने 10 जून 2023 को अपना जवाब दिया, लेकिन प्रबंधन ने इसे असंतोषजनक माना और बाद में चार्जशीट जारी कर दी। इसके बाद विभागीय जांच शुरू हुई, जिसके आधार पर उनकी सेवा 28 मई 2024 को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने विस्तृत दलीलें दीं। याचिकाकर्ता की ओर से यह तर्क दिया गया कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं थी और उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।
वहीं, प्रतिवादी ट्रस्ट की ओर से कहा गया कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार की गई और आरोप गंभीर वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े थे।
फ़्रांसीसी हरप्रीत सिंह बराड़ की एकल पृच्छा ने रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेज़ और जांच प्रक्रिया का गहराई से परीक्षण किया।
कोर्ट ने कहा कि,
"प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करना अनिवार्य है और कर्मचारी को अवसर दिया जाना चाहिए।"
पीरिन ने यह भी देखा कि किस जांच प्रक्रिया में पदों और पदों पर नियुक्ति की गई थी।
अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया कि डिवाइसिनेशन जांच केवल लागू नहीं हो सकती है, बल्कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सहायकों और डिविजनल तरीकों से परीक्षण किया जाए।
सभी तथ्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए संबंधित आदेशों की वैधता पर निर्णय दिया।
पीठ ने अपने आदेश में कहा कि जांच प्रक्रिया और उसके निष्कर्षों की न्यायिक समीक्षा आवश्यक है, और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई निर्धारित की गई।
Case Details
Case Title: Pooja Taneja vs. The Tribune Trust and Others
Case Number: CWP-13658-2024 (O&M)
Judge: Justice Harpreet Singh Brar
Decision Date: 13 March 2026











