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ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया और रोड सेफ्टी पर सवाल: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया और सड़क सुरक्षा उपायों पर गंभीर सवाल उठाते हुए राज्य व अन्य एजेंसियों को नोटिस जारी किया। - आशीष शिवहरे बनाम मध्य प्रदेश राज्य और अन्य

Shivam Y.
ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया और रोड सेफ्टी पर सवाल: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया और सड़क सुरक्षा उपायों को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह याचिका अशिष शिवहरे द्वारा स्वयं (इन पर्सन) दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने परिवहन विभाग द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में कथित खामियों और सड़क सुरक्षा उपायों की कमी को चुनौती दी।

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याचिका में कई मुद्दे उठाए गए थे, लेकिन कोर्ट ने माना कि मुख्य प्रश्न दो ही हैं-

  1. ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया
  2. सड़क सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम

कोर्ट ने कहा कि यदि इन मुख्य मुद्दों पर ध्यान दिया जाए, तो बाकी सभी उप-मुद्दे अपने आप कवर हो जाएंगे।

मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि यह मामला जनहित से जुड़ा हुआ है और इसमें गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।

पीठ ने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि ड्राइविंग लाइसेंस केवल प्रशिक्षित और योग्य व्यक्तियों को ही जारी किए जाएं।

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कोर्ट ने निर्देश दिया कि परिवहन प्राधिकरण यह बताए कि-

  • लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में क्या मानक अपनाए जा रहे हैं
  • क्या संबंधित अधिकारी उचित प्रशिक्षण और नियमों का पालन कर रहे हैं
  • सड़क सुरक्षा के लिए विभिन्न विभाग क्या कदम उठा रहे हैं

“कोर्ट ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने और सड़क सुरक्षा उपायों पर विस्तृत जवाब आवश्यक है,” आदेश में उल्लेख किया गया।

राज्य की ओर से सरकारी अधिवक्ता अनुपव जैन ने नोटिस स्वीकार किया। वहीं केंद्र सरकार की ओर से उप सॉलिसिटर जनरल एस.एम. गुरु ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

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कोर्ट ने अन्य संबंधित प्रतिवादियों को भी नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।

चूंकि याचिकाकर्ता स्वयं पेश हो रहे थे, इसलिए अदालत ने उनकी सहायता के लिए अधिवक्ता अरिहंत तिवारी को एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) नियुक्त किया। कोर्ट ने कार्यालय को निर्देश दिया कि याचिका की प्रति उन्हें उपलब्ध कराई जाए।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया और सड़क सुरक्षा उपायों के मुद्दे पर सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है।

मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है।

Case Title: Ashish Shivhare vs State of Madhya Pradesh & Others

Case Number: WP No. 4435 of 2026

Decision Date: 16 March 2026

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