मेन्यू
समाचार खोजें...
होमSaved

सुप्रीम कोर्ट ने जूनियर इंजीनियर्स को दी बड़ी राहत, NFU लाभ पर केंद्र सरकार की अपील खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने जूनियर इंजीनियर्स को NFU देने के मामले में केंद्र सरकार की अपील खारिज कर दी, हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया। - भारत संघ और अन्य बनाम सुनील कुमार राय और अन्य

Vivek G.
सुप्रीम कोर्ट ने जूनियर इंजीनियर्स को दी बड़ी राहत, NFU लाभ पर केंद्र सरकार की अपील खारिज

नई दिल्ली में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में केंद्र सरकार और बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) की अपील को खारिज कर दिया। मामला जूनियर इंजीनियर्स को नॉन-फंक्शनल अपग्रेडेशन (NFU) देने से जुड़ा था। कोर्ट ने साफ किया कि तय शर्तें पूरी होने पर यह लाभ रोका नहीं जा सकता।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के पैरा 7.4.13 (iv)(b) से जुड़ा था। इस प्रावधान के अनुसार, लेवल-8 में कार्यरत कर्मचारियों को चार साल की सेवा पूरी करने के बाद लेवल-9 (ग्रेड पे ₹5400) का NFU दिया जा सकता है।

दिल्ली हाईकोर्ट में जूनियर इंजीनियर्स ने याचिका दायर कर कहा था कि वे सभी आवश्यक शर्तें पूरी कर चुके हैं, लेकिन BRO ने 19 फरवरी 2021 के पत्र के जरिए उनका दावा खारिज कर दिया।

Read also:- सुप्रीम कोर्ट ने दरगाह सज्जादानशीन विवाद में अपील खारिज की, कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा

याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी कि:

  • वे लेवल-8 (ग्रेड पे ₹4800) पर चार साल की सेवा पूरी कर चुके हैं।
  • सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के अनुसार उन्हें NFU मिलना चाहिए।
  • अन्य समान पदों जैसे सीनियर प्राइवेट सेक्रेटरी और असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर को यह लाभ दिया गया, जबकि उन्हें नहीं जो भेदभाव है।

केंद्र सरकार ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि:

  • वेतन आयोग की सिफारिशें केवल सलाहात्मक होती हैं, अपने आप अधिकार नहीं बनातीं।
  • जूनियर इंजीनियर्स का शुरुआती ग्रेड पे ₹4200 था, इसलिए वे इस प्रावधान के तहत पात्र नहीं हैं।
  • तुलना जिन पदों से की जा रही है, वे अलग कैडर के हैं।

Read also:- दिल्ली हाईकोर्ट ने हनी सिंह, बादशाह के ‘Volume 1’ गाने पर लगाई रोक, कहा- अश्लील और महिलाओं के प्रति अपमानजनक

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि:

“चार साल की सेवा लेवल-8 में पूरी होने के बाद NFU का लाभ दिया जाना चाहिए, और इसमें एंट्री-लेवल ग्रेड पे को शर्त बनाना उचित नहीं है।”

कोर्ट ने यह भी माना कि एंट्री लेवल को आधार बनाकर NFU से इनकार करना, नियमों में अतिरिक्त शर्त जोड़ने जैसा है।

अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले से सहमति जताते हुए कहा कि:

“सिर्फ इस आधार पर लाभ से इनकार नहीं किया जा सकता कि कर्मचारी ने ग्रेड पे ₹4800 प्रमोशन या MACP से हासिल किया है।”

Read also:- राजनीतिक बयानबाज़ी पर आपराधिक मानहानि नहीं बनती: दिल्ली कोर्ट ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन को दी राहत

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की अपील को खारिज करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। अदालत ने कहा कि जूनियर इंजीनियर्स, जिन्होंने लेवल-8 में चार साल की सेवा पूरी कर ली है, वे NFU (ग्रेड पे ₹5400) पाने के हकदार हैं।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस लाभ को रोकने के लिए दिए गए कारण उचित नहीं हैं।

Case Details

Case Title: Union of India & Others vs Sunil Kumar Rai & Others

Case Number: Civil Appeal No. of 2026 (@ SLP (C) No. 11595 of 2023)

Judges: Justice Pankaj Mithal & Justice S.V.N. Bhatti

Decision Date: April 1, 2026

More Stories