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राजस्थान ACB को केंद्र कर्मचारियों पर भी भ्रष्टाचार केस दर्ज करने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट ने SLP खारिज की

अनिल डैमा वगैरह बनाम राजस्थान राज्य और अन्य। सुप्रीम कोर्ट ने कहा राजस्थान ACB को केंद्र कर्मचारियों पर भी भ्रष्टाचार केस दर्ज करने का अधिकार है, SLP खारिज, धारा 17-A लागू नहीं।

Vivek G.
राजस्थान ACB को केंद्र कर्मचारियों पर भी भ्रष्टाचार केस दर्ज करने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट ने SLP खारिज की

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को भ्रष्टाचार से जुड़े एक अहम सवाल पर सुनवाई हुई-क्या राजस्थान की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) केंद्र सरकार के कर्मचारी के खिलाफ भी केस दर्ज कर सकती है? अदालत ने साफ कर दिया कि हां, कर सकती है।

यह मामला Anil Daima आदि बनाम State of Rajasthan & Ors. से जुड़ा है, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी।

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मामले की पृष्ठभूमि

याचिकाकर्ताओं की तरफ से दलील थी कि यदि Prevention of Corruption Act के तहत कोई अपराध केंद्र सरकार के कर्मचारी द्वारा राजस्थान में किया गया हो, तो जांच का अधिकार केवल CBI के पास होना चाहिए, राज्य की ACB के पास नहीं।

इस मुद्दे पर राजस्थान हाईकोर्ट ने पहले ही दो अलग-अलग आपराधिक याचिकाओं में फैसला देते हुए ACB के अधिकार को सही माना था। उसी आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिकाएं (SLP) दाखिल की गईं।

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अदालत का अवलोकन

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने बताया कि हाईकोर्ट ने दो “स्पष्ट कानूनी सवालों” पर विचार किया था-

  1. क्या राज्य ACB केंद्र कर्मचारी पर भ्रष्टाचार कानून में केस दर्ज कर सकती है?
  2. क्या बिना CBI की मंजूरी के ACB द्वारा दाखिल चार्जशीट वैध मानी जाएगी?

अदालत ने रिकॉर्ड पर कहा कि हाईकोर्ट का निष्कर्ष सही है। बेंच ने संकेत दिया कि यह कहना गलत है कि “सिर्फ CBI ही अभियोजन शुरू कर सकती है।”

Section 17-A पर बहस

याचिकाकर्ताओं के वकील ने सुनवाई के दौरान धारा 17-A का लाभ देने की कोशिश की। यह धारा उन मामलों में पहले से अनुमति की बात करती है, जहां आरोप “सरकारी काम के दौरान लिए गए निर्णय या सिफारिश” से जुड़ा हो।

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को तुरंत खारिज कर दिया। बेंच ने स्पष्ट कहा-
“यह मांग (डिमांड) और अवैध रिश्वत (illegal gratification) का मामला है, ऐसे मामलों में धारा 17-A लागू नहीं हो सकती।”

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अदालत ने इसे “पूरी तरह गलत समझ” पर आधारित दलील बताते हुए कहा कि 17-A का उद्देश्य अलग है और रिश्वत मांगने के मामलों में इसका सहारा नहीं लिया जा सकता।

फ़ैसला

सुप्रीम कोर्ट ने दोनों विशेष अनुमति याचिकाएं खारिज कर दीं। साथ ही, लंबित आवेदन भी निस्तारित कर दिए गए।

Case Title: Anil Daima Etc. vs State of Rajasthan & Ors.

Case No.: SLP (Crl.) Nos. 1010-1011/2026

Decision Date: 19-01-2026

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