दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को बॉलीवुड अभिनेता राजपाल नौरंग यादव से जुड़े चेक बाउंस मामलों की सुनवाई के दौरान माहौल सख्त नजर आया। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि अब और समय नहीं दिया जा सकता। न्यायालय ने अभिनेता की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें आत्मसमर्पण की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की गई थी।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला कई चेक अनादरण (चेक बाउंस) मामलों से जुड़ा है, जिनमें राजपाल यादव और उनकी पत्नी दोषी ठहराए जा चुके हैं। शिकायतकर्ता कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड है। इन मामलों में सेटलमेंट के तहत बड़ी रकम का भुगतान किया जाना था, लेकिन बार-बार दिए गए आश्वासनों के बावजूद भुगतान पूरा नहीं हो सका।
2 फरवरी को हाईकोर्ट ने अभिनेता को कड़ी फटकार लगाते हुए आदेश दिया था कि वह 4 फरवरी तक आत्मसमर्पण करें। उस दिन कोर्ट ने यह भी कहा था कि लगातार आदेशों की अवहेलना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सुनवाई के दौरान क्या हुआ
बुधवार को सुनवाई शुरू होते ही अभिनेता के वकील ने एक बार फिर समय मांगा। दलील दी गई कि ₹50 लाख की व्यवस्था कर ली गई है और भुगतान सुनिश्चित करने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया जाए।
लेकिन अदालत इस दलील से सहमत नहीं हुई। जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा ने साफ लहजे में कहा, “मैंने यही बात पिछली बार भी सुनी थी और उसी दिन दो दिन का अतिरिक्त समय दिया गया था। अब कोई आधार नहीं है। आज आपको शाम 4 बजे तक आत्मसमर्पण करना होगा।”
कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि पहले आत्मसमर्पण की तय तारीख इसलिए बदली गई थी क्योंकि अभिनेता ने मुंबई में होने की बात कही थी।
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कोर्ट की सख्त टिप्पणी
न्यायालय ने अभिनेता के आचरण पर कड़ी नाराजगी जताई। जस्टिस शर्मा ने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है जब अदालत के आदेशों का पालन नहीं किया गया।
पीठ ने टिप्पणी की, “यह कम से कम 15–20 बार हो चुका है। न किसी आदेश का पालन हुआ, न किसी वचन का। अब किसी तरह की नरमी की कोई गुंजाइश नहीं बचती।”
कोर्ट ने पहले के आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि बार-बार मौका दिए जाने के बावजूद भुगतान नहीं करना ऐसा व्यवहार है, जिसकी निंदा की जानी चाहिए।
भुगतान और लंबित राशि
रिकॉर्ड के अनुसार, सात मामलों में प्रत्येक में ₹1.35 करोड़ का भुगतान किया जाना था। अक्टूबर 2025 में ₹75 लाख के दो डिमांड ड्राफ्ट कोर्ट में जमा किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद करीब ₹9 करोड़ की राशि अब भी बकाया है।
कोर्ट पहले ही यह निर्देश दे चुका है कि रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा रकम शिकायतकर्ता कंपनी को जारी की जाए।
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अदालत का फैसला
सभी दलीलों को सुनने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने समय बढ़ाने की अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया कि राजपाल नौरंग यादव को आज ही, यानी 4 फरवरी को शाम 4 बजे तक संबंधित जेल अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा।
इसके साथ ही अदालत ने संकेत दिया कि अब इस मामले में किसी भी तरह की देरी या राहत स्वीकार नहीं की जाएगी।
Case Title: Sh. Rajpal Naurang Yadav & Anr v. M/s Murli Projects Pvt. Ltd & Anr
Case No.: Criminal Revision Petitions (Multiple)
Decision Date: 04 February 2026










