नई दिल्ली में गुरुवार (15 जनवरी 2026) को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में SASTRA यूनिवर्सिटी को बड़ी राहत मिली। शीर्ष अदालत ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें तंजावुर की सरकारी जमीन से यूनिवर्सिटी को हटाने के निर्देश दिए गए थे।
मामले की पृष्ठभूमि
मामला तंजावुर में स्थित 31.37 एकड़ सरकारी जमीन से जुड़ा है, जो SASTRA के अपने पट्टा भूखंड से सटी हुई है। इसी जमीन पर यूनिवर्सिटी के हॉस्टल, क्लासरूम और जरूरी सुविधाएं बनी हुई हैं।
Read also:- लंबित आपराधिक मामलों के चलते वकील नामांकन पर रोक: मद्रास हाईकोर्ट ने बड़े मुद्दे को बड़ी पीठ को सौंपा
राज्य सरकार ने 2022 में बेदखली का नोटिस जारी किया था, जिसे चुनौती देते हुए SASTRA हाईकोर्ट पहुंची। 9 जनवरी 2026 को मद्रास हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए यूनिवर्सिटी को चार हफ्ते में जमीन खाली करने का आदेश दिया।
अदालत का अवलोकन
सुप्रीम कोर्ट की पीठ-मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विजय बिश्नोई-ने सुनवाई के दौरान कहा कि राज्य सरकार को इस मामले को “प्रतिष्ठा का मुद्दा” नहीं बनाना चाहिए।
पीठ ने टिप्पणी की,
“कल्याणकारी राज्य को ऐसे संस्थानों की भूमिका समझनी चाहिए जो समाज के लिए काम कर रहे हैं।”
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता, लेकिन यह मामला किसी निजी व्यवसाय का नहीं बल्कि एक सार्वजनिक शिक्षण संस्था का है, जो दशकों से छात्रों की सेवा कर रही है।
अदालत ने SASTRA को निर्देश दिया कि वह राज्य सरकार को एक विस्तृत प्रतिवेदन सौंपे। सरकार को चार सप्ताह में उस पर फैसला करना होगा।
तब तक यूनिवर्सिटी अपने मौजूदा परिसर से काम जारी रख सकेगी।
Read also:- ईमानदार अफसरों की सुरक्षा जरूरी, पर जांच भी नहीं रुकेगी: धारा 17A पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
यूनिवर्सिटी की ओर से बताया गया कि अगर हाईकोर्ट का आदेश लागू होता, तो करीब 12,000 छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती। इनमें कानून, इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रबंधन और लिबरल आर्ट्स के छात्र शामिल हैं।
फ़ैसला
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के बेदखली आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए SASTRA यूनिवर्सिटी को फिलहाल राहत दी और राज्य सरकार को उसके प्रतिवेदन पर तय समय में विचार करने का निर्देश दिया।
Case Title: SASTRA University v. State of Tamil Nadu
Case No.: SLP (Civil) — Notified in Court
Decision Date: 15 January 2026









