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सुप्रीम कोर्ट ने धोखाधड़ी मामले में अनीथा आर. नायर की ज़मानत शर्तों में ढील देने वाले केरल हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने धोखाधड़ी मामले में अनीथा आर. नायर की ज़मानत शर्तों में ढील पर रोक लगाते हुए पासपोर्ट सरेंडर का आदेश दिया।

Vivek G.
सुप्रीम कोर्ट ने धोखाधड़ी मामले में अनीथा आर. नायर की ज़मानत शर्तों में ढील देने वाले केरल हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम आदेश में केरल हाईकोर्ट को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि जब मामला पहले से ही उच्चतम न्यायालय में लंबित था, तब आरोपी की ज़मानत शर्तों में बदलाव करना न्यायिक अनुशासन का उल्लंघन है। यह टिप्पणी

पृष्ठभूमि

मामला अनीथा आर. नायर से जुड़ा है, जिन पर चिंगवणम थाने में धोखाधड़ी और विश्वासघात की 31 आपराधिक केस दर्ज हैं। इन मामलों में उन पर 2019 के ‘बैनिंग ऑफ अनरेग्युलेटेड डिपॉजिट स्कीम्स एक्ट’ के तहत भी कार्रवाई चल रही है। केरल हाईकोर्ट ने उन्हें अग्रिम ज़मानत दी थी, लेकिन इस शर्त के साथ कि वह अदालत की अनुमति के बिना विदेश नहीं जा सकेंगी।

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बाद में, ज़मानत आदेश के खिलाफ याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित रहने के बावजूद, नायर ने हाईकोर्ट में आवेदन देकर शर्तों में ढील मांगी। उनका तर्क था कि उन्हें रोजगार संबंधी कारणों से विदेश जाना है। हाईकोर्ट ने न केवल उनकी यात्रा को अनुमति दी बल्कि अगस्त में उनका पासपोर्ट भी जारी करने का आदेश दिया।

अदालत की टिप्पणियाँ

सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि हाईकोर्ट ने अपनी सीमा पार की। पीठ ने कहा, “जब ज़मानत देने का आदेश हमारे सामने चुनौती में है, तो उसकी शर्तों में संशोधन करना न्यायिक अनुशासन और मर्यादा के विपरीत है।”

न्यायाधीशों ने यह भी चिंता जताई कि आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट में यह जानकारी नहीं दी कि उसने समानांतर रूप से हाईकोर्ट में आवेदन डाला है। अदालत ने टिप्पणी की, “हम ऐसे तथ्यों को छिपाने पर गंभीर असंतोष व्यक्त करते हैं,” और संकेत दिया कि अदालत को गुमराह करने पर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं।

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निर्णय

सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट के उन सभी आदेशों पर रोक लगा दी, जिनसे नायर को विदेश यात्रा की अनुमति दी गई थी और पासपोर्ट जारी किया गया था। अदालत ने निर्देश दिया कि वह तुरंत अपना पासपोर्ट सरेंडर करें और सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बिना भारत से बाहर न जाएं।

इसके अलावा, पीठ ने नायर को नोटिस जारी कर पूछा है कि तथ्यों को छिपाने के कारण उनकी अग्रिम ज़मानत क्यों न रद्द की जाए। मामला अब 26 सितंबर 2025 को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

केस का शीर्षक: श्रीजा डी. जी. एवं अन्य बनाम अनीता आर. नायर एवं अन्य
आदेश की तिथि: 4 सितंबर 2025
केस का प्रकार: विशेष अपील अनुमति (आपराधिक) संख्या 6677–6681/2025
अगली सुनवाई की तिथि: 26 सितंबर 2025

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