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बच्चे की मौत पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, ₹2 लाख मुआवजा ठुकराया; सजा बढ़ाने पर नोटिस

अब्दुल सत्तार बनाम कर्नाटक राज्य, सुप्रीम कोर्ट ने 13 साल के बच्चे की मौत मामले में ₹2 लाख मुआवजा अपर्याप्त बताया। सजा बढ़ाने पर नोटिस जारी, अगली सुनवाई 5 फरवरी को।

Vivek G.
बच्चे की मौत पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, ₹2 लाख मुआवजा ठुकराया; सजा बढ़ाने पर नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने एक सड़क हादसे में 13 वर्षीय बच्चे की मौत से जुड़े मामले में सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने साफ कहा कि पीड़ित परिवार को दी जाने वाली राहत केवल औपचारिक नहीं हो सकती। आरोपी द्वारा पेश किया गया ₹2 लाख का मुआवजा कोर्ट को अपर्याप्त लगा।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला कर्नाटक से जुड़ा है, जहां एक सड़क दुर्घटना में 13 साल के बच्चे की जान चली गई थी। आरोपी अब्दुल सत्तार ने अपनी सजा में राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। इससे पहले हाईकोर्ट ने उसे तीन महीने की सजा सुनाई थी।

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मामले की सुनवाई जस्टिस जे.के. महेश्वरी और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान पीड़ित बच्चे के पिता भी वर्चुअली मौजूद रहे।

कोर्ट ने बताया कि उसने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए यह संकेत दिया था कि यदि आरोपी उचित मुआवजा देता है, तो सजा में राहत पर विचार किया जा सकता है।

लेकिन आरोपी की ओर से केवल ₹2 लाख देने की पेशकश की गई।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी

पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा,
“13 साल के बच्चे की मौत के मामले में ₹2 लाख की राशि पर्याप्त नहीं मानी जा सकती।”

अदालत ने कहा कि यदि ₹4 लाख मुआवजा दिया जाए तो उसे उचित माना जा सकता है। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि यह मामला ऐसा है, जिसमें पहले से दी गई तीन महीने की सजा भी कम प्रतीत होती है।

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अहम आदेश

कोर्ट ने आरोपी को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि अगर वह उचित मुआवजा देने को तैयार नहीं है, तो उसकी सजा तीन महीने से बढ़ाकर एक साल क्यों न कर दी जाए।
मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी 2026 दोपहर 2 बजे तय की गई है।
आरोपी को तब तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।

Case Title: Abdul Sattar vs State of Karnataka

Case No.: Review Petition (Crl.) Diary No. 45337/2025

Case Type: Criminal Review Petition

Decision Date: 21 January 2026

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