तमिलनाडु के प्रसिद्ध थिरुप्परंकुंड्रम पहाड़ी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम कदम उठाया। हिंदू धर्म परिषद की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने केंद्र सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), तमिलनाडु सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। मामला भगवान मुरुगन के प्राचीन मंदिर और वहां दीप प्रज्वलन से जुड़ा है, जिसे लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है।
मामले की पृष्ठभूमि
हिंदू धर्म परिषद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि थिरुप्परंकुंड्रम स्थित सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर का नियंत्रण ASI को सौंपा जाए। साथ ही, मंदिर परिसर की पहाड़ी पर स्थित दीपस्तंभ (दीपथून) पर रोज़ 24 घंटे दीप जलाने की अनुमति दी जाए।
याचिका में यह भी कहा गया है कि हर साल कार्तिकेय दीपम के दिन पूरी पहाड़ी पर दीप प्रज्वलन होना चाहिए और श्रद्धालुओं को निर्बाध पूजा की अनुमति मिले।
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यह इलाका ‘प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958’ के तहत संरक्षित क्षेत्र है, जिसके चलते प्रशासनिक अनुमति को लेकर विवाद खड़ा हुआ।
कोर्ट की सुनवाई में क्या हुआ
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अरविंद कुमार ने पूछा कि क्या यह मामला अब भी मद्रास हाईकोर्ट में लंबित है।
इस पर तमिलनाडु सरकार के वकील ने बताया कि 6 जनवरी को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच पहले ही एकल न्यायाधीश के आदेश को बरकरार रख चुकी है और राज्य सरकार उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने पर विचार कर रही है।
हाईकोर्ट का पहले का आदेश
गौरतलब है कि मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस जी.आर. स्वामिनाथन ने 1 दिसंबर को मंदिर प्रशासन को दीपस्तंभ पर दीप जलाने का आदेश दिया था। उन्होंने सरकार को आदेश लागू न करने पर फटकार भी लगाई थी।
बाद में अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने श्रद्धालुओं को CISF सुरक्षा में स्वयं दीप जलाने की अनुमति दी थी और धारा 144 के आदेश को भी रद्द कर दिया था। राज्य सरकार द्वारा दायर अपील को डिवीजन बेंच ने खारिज कर दिया था।
अब इस पूरे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, ASI, तमिलनाडु सरकार, HR&CE विभाग, मदुरै कलेक्टर, पुलिस आयुक्त और मंदिर प्रशासन से जवाब मांगा है।
पीठ ने स्पष्ट किया कि वह इस बात की जांच करेगी कि क्या ASI को मंदिर का नियंत्रण सौंपा जाना चाहिए और क्या दीप प्रज्वलन पर रोक कानूनी रूप से सही है।
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फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई अब केंद्र और राज्य सरकार के जवाब आने के बाद होगी।
Case Title: Hindu Dharma Parishad v. Union of India & Ors.
Case No.: W.P.(C) No. 1280/2025
Decision Date: 23 January 2026










