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गुजरात हाईकोर्ट ने आरोपी को पालतू कुत्ते के अंतिम संस्कार में शामिल होने की दी अनुमति, पुलिस निगरानी में घर ले जाने का आदेश

मनीष प्रेमचंद शाह बनाम गुजरात राज्य, गुजरात हाईकोर्ट ने आरोपी को मानवीय आधार पर अपने पालतू कुत्ते के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी, पुलिस हिरासत में घर ले जाने का आदेश।

Vivek G.
गुजरात हाईकोर्ट ने आरोपी को पालतू कुत्ते के अंतिम संस्कार में शामिल होने की दी अनुमति, पुलिस निगरानी में घर ले जाने का आदेश

गुजरात हाईकोर्ट ने एक मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए एक आरोपी को अपने पालतू कुत्ते के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी है। अदालत ने निर्देश दिया कि आरोपी को सीमित समय के लिए पुलिस हिरासत में उसके घर ले जाया जाए ताकि वह अपने पालतू जानवर के अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कर सके।

यह आदेश जस्टिस उत्कर्ष ठाकोरभाई देसाई की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान पारित किया।

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मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला मनीष प्रेमचंद शाह बनाम राज्य गुजरात से जुड़ा है। आरोपी की ओर से दायर नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि उसका पालतू कुत्ता, जो पिछले 14 वर्षों से उसके साथ था, हाल ही में मर गया है।

आरोपी के वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल का उस पालतू कुत्ते से गहरा लगाव था और वह उसके अंतिम संस्कार की रस्में स्वयं करना चाहता है। इसी कारण अदालत से विशेष अनुमति देने का अनुरोध किया गया।

सुनवाई के दौरान मूल शिकायतकर्ता की ओर से भी वकील ने उपस्थिति दर्ज कराई और अदालत ने उनकी वकालतनामा को रिकॉर्ड पर लेने का निर्देश दिया।

सुनवाई के दौरान अदालत ने मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए आरोपी को सीमित अवधि के लिए अपने घर जाने की अनुमति देने का फैसला किया।

पीठ ने आदेश में कहा कि आरोपी को उसी दिन पुलिस हिरासत में उसके सूरत स्थित घर ले जाया जाए ताकि वह अपने पालतू कुत्ते के अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्में पूरी कर सके।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी पूरे समय पुलिस की निगरानी में रहेगा और यह व्यवस्था केवल शाम 8 बजे तक के लिए मान्य होगी।

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हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि आरोपी को आदेश प्राप्त होते ही पुलिस हिरासत में उसके घर ले जाया जाए और शाम 8 बजे के बाद उसे फिर से संबंधित जेल प्राधिकरण के हवाले कर दिया जाए।

अदालत ने यह भी कहा कि सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी सिविल कपड़ों में रहेंगे और इस पुलिस व्यवस्था का खर्च सरकार वहन करेगी।

इसके अलावा अदालत ने आदेश दिया कि यह आदेश ई-मेल के माध्यम से संबंधित अदालत, पुलिस स्टेशन और लाजपोर सेंट्रल जेल, सूरत को तुरंत भेजा जाए ताकि आदेश का तत्काल पालन किया जा सके।

मामले को आगे की सुनवाई के लिए 30 मार्च 2026 को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया।

Case Title: Manish Premchand Shah vs State of Gujarat

Case No.: R/Criminal Misc. Application No. 6140 of 2026

Decision Date: 13 March 2026

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