आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य में ऑर्गन ट्रांसप्लांट सुविधाओं को लेकर चल रही जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से स्पष्ट नीति पेश करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि अब तक सरकार का रुख सामान्य और अस्पष्ट है, जिसे विस्तार से समझना जरूरी है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला WP(PIL) No. 93 of 2016 के तहत दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता “Gareeb Guide (Voluntary Organization)” ने राज्य में ऑर्गन ट्रांसप्लांट सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर मुद्दा उठाया था।
इससे पहले, 10 दिसंबर 2025 के आदेश में कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को निर्देश दिया था कि वे ऐसे अस्पतालों का डेटा प्रस्तुत करें, जहां योग्य डॉक्टर और आवश्यक ढांचा उपलब्ध हो और जिन्हें ऑर्गन ट्रांसप्लांट सेंटर (OTC) के रूप में पंजीकृत किया जा सके
सरकार की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया कि सभी 100-बेड वाले अस्पतालों में तुरंत ऑर्गन ट्रांसप्लांट सुविधा उपलब्ध कराना संभव नहीं है।
सरकार ने यह भी बताया कि ऐसा करने से
“राजकोष पर असहनीय बोझ पड़ेगा और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।”
हलफनामे के अनुसार, वर्तमान में राज्य में 9 सरकारी और 71 निजी ऑर्गन ट्रांसप्लांट सेंटर पहले से कार्यरत हैं। इसके अलावा, बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) वर्ग के मरीजों को ट्रांसप्लांट के लिए वित्तीय सहायता भी दी जा रही है।
सरकार ने अपने हलफनामे में यह भी कहा कि वह एक नीति पर विचार कर रही है, जिसके तहत वर्ष 2030 तक चरणबद्ध तरीके से ऑर्गन ट्रांसप्लांट सुविधाओं में सुधार किया जाएगा।
इस योजना को दो चरणों में लागू करने का प्रस्ताव है:
- Phase I: मौजूदा तृतीयक (tertiary) और शिक्षण अस्पतालों में सुविधाओं को मजबूत करना
- Phase II: धीरे-धीरे अन्य अस्पतालों में क्षमता बढ़ाना
पीठ में शामिल धीरज सिंह ठाकुर और चल्ला गुणरंजन ने सरकार के आधे नाम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रस्तावित नीति "काफ़ी सामान्य प्रकृति की" है।
कोर्ट ने कहा,
“यह स्पष्ट नहीं है कि नीति क्या है और उसके मुख्य पहलू क्या होंगे, जिन्हें समझना और जांचना आवश्यक है।”
न्यायालय ने यह भी महसूस किया कि केवल सामान्य बयान देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ठोस और विस्तृत नीति दस्तावेज प्रस्तुत करना जरूरी है।
कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के संबंधित सचिव को निर्देश दिया कि वे प्रस्तावित नीति का ड्राफ्ट अगली सुनवाई से पहले रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करें।
मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई 2026 के लिए सूचीबद्ध की गई है।
case details
Case Title:President, Gareeb Guide (Voluntary Organization), Hyderabad vs State of Andhra Pradesh & Others
Case Number: WP (PIL) No. 93 of 2016
Court: Andhra Pradesh High Court
Judges: Dhiraj Singh Thakur and Challa Gunaranjan
Decision Date: 1 April 2026










