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झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: ईडी अधिकारियों के खिलाफ FIR जांच पर रोक, रांची कार्यालय की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

प्रतीक और अन्य बनाम झारखंड राज्य और अन्य - झारखंड उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर पर रोक लगा दी और संवेदनशील जांच मामले में रांची स्थित ईडी कार्यालय में अर्धसैनिक सुरक्षा का आदेश दिया।

Shivam Y.
झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: ईडी अधिकारियों के खिलाफ FIR जांच पर रोक, रांची कार्यालय की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों से जुड़े एक संवेदनशील मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने अहम अंतरिम आदेश दिया है। कोर्ट ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR और उससे जुड़ी पुलिस जांच पर फिलहाल रोक लगा दी है। साथ ही, रांची स्थित ईडी कार्यालय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार को अर्धसैनिक बल तैनात करने का निर्देश दिया गया है। यह आदेश जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की एकल पीठ ने सुनवाई के बाद पारित किया।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला एयरपोर्ट थाना, रांची में दर्ज केस नंबर 05/2026 से जुड़ा है। इस FIR में ईडी के दो अधिकारियों सहायक निदेशक और सहायक प्रवर्तन अधिकारी पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि रांची जोनल ऑफिस इस समय कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच कर रहा है, जिनमें राज्य के प्रभावशाली राजनीतिक और प्रशासनिक चेहरे शामिल हैं। ऐसे में यह FIR जांच को बाधित करने की साजिश का हिस्सा बताई गई।

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ईडी अधिकारियों के वकीलों ने अदालत को बताया कि शिकायतकर्ता संतोष कुमार पहले से ही राज्य सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से जुड़े लगभग 23 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में आरोपी है।
उनका कहना था कि बिना किसी समन के शिकायतकर्ता स्वयं ईडी कार्यालय पहुंचा और पूछताछ के दौरान अचानक उत्तेजित होकर उसने खुद को चोट पहुंचाई। बाद में उसी घटना को आधार बनाकर ईडी अधिकारियों के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया गया।

वकील ने दलील दी कि “यह पूरी कवायद जांच को पटरी से उतारने की कोशिश है और ईडी अधिकारियों को कानूनी संरक्षण की आवश्यकता है।”

राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। वहीं, केंद्र सरकार की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को आश्वस्त किया कि सुरक्षा से जुड़े निर्देशों का पालन किया जाएगा।

शिकायतकर्ता की ओर से उपस्थित वकील ने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

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कोर्ट की अहम टिप्पणियां

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि आमतौर पर FIR के शुरुआती चरण में हस्तक्षेप नहीं किया जाता, लेकिन इस मामले के हालात अलग हैं।

पीठ ने कहा,

“ऐसे संवेदनशील तथ्यों के सामने आने पर अदालत मूक दर्शक नहीं बनी रह सकती।”
कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 67 सरकारी अधिकारियों को ‘सद्भावना में किए गए कर्तव्यों’ के लिए सुरक्षा प्रदान करती है।

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के गृह सचिव को निर्देश दिया कि रांची स्थित ईडी कार्यालय में CISF, BSF या किसी अन्य उपयुक्त अर्धसैनिक बल की तैनाती की जाए।

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इसके अलावा, रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को कार्यालय की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई। कोर्ट ने चेतावनी दी कि किसी भी अप्रिय घटना के लिए SSP को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
कोर्ट ने ईडी कार्यालय में लगे सभी CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने का भी आदेश दिया।

अदालत का अंतिम अंतरिम निर्णय

अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख तक एयरपोर्ट थाना केस नंबर 05/2026 में पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार की आगे की कार्रवाई और जांच पर रोक लगा दी है।

मामले को 9 फरवरी 2026 को फिर से सूचीबद्ध किया गया है। तब तक याचिकाकर्ताओं और अन्य पक्षों को अपने-अपने जवाब दाखिल करने का समय दिया गया है।

Case Title:- Pratik & Anr. vs State of Jharkhand & Ors.

Case Number:- W.P. (Cr.) Filing No. 1059 of 2026

Date of Order:- 16 January 2026

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