केरल हाईकोर्ट ने डोमिसाइल सर्टिफिकेट को लेकर एक महत्वपूर्ण और व्यावहारिक फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल जन्म स्थान के आधार पर किसी व्यक्ति को राज्य का निवासी मानने से इनकार नहीं किया जा सकता, खासकर तब जब उसका पूरा जीवन, पढ़ाई और स्थायी निवास उसी राज्य से जुड़ा हो।
मामले की पृष्ठभूमि
मामला 19 वर्षीय सोहन वी.एम. से जुड़ा है, जो कोलकाता में जन्मे थे। उनके माता-पिता भी वहीं जन्मे और पले-बढ़े, लेकिन सोहन के जन्म के एक साल बाद परिवार केरल के कोझिकोड जिले के नदुवन्नूर गांव में आकर स्थायी रूप से बस गया। सोहन की पूरी स्कूली शिक्षा केरल में हुई। आधार कार्ड, राशन कार्ड और उनके पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र सभी में स्थायी पता केरल का दर्ज था।
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जब सोहन ने भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए आवेदन किया, तो उनसे डोमिसाइल सर्टिफिकेट मांगा गया। तहसीलदार ने यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया कि सोहन का जन्म केरल में नहीं हुआ था।
अदालत की टिप्पणियां
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस ने रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेजों को ध्यान से देखा। अदालत ने पाया कि यह कहना तथ्यात्मक रूप से गलत है कि याचिकाकर्ता कोलकाता में पले-बढ़े थे।
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अदालत ने कहा,
“डोमिसाइल शब्द को उसके तकनीकी अर्थ में नहीं, बल्कि स्थायी निवास और किसी स्थान से सामाजिक जुड़ाव के रूप में समझा जाना चाहिए।”
न्यायालय ने पहले के फैसलों का हवाला देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि भारत में कानूनी रूप से केवल एक ही डोमिसाइल होता है भारत का। राज्यों में डोमिसाइल की मांग अक्सर निवास और स्थायी बसावट को साबित करने के लिए होती है, न कि जन्म स्थान तय करने के लिए।
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कोर्ट ने “सामाजिक जुड़ाव” की अवधारणा को अहम माना। न्यायाधीश ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति बचपन से किसी राज्य में रह रहा है, वहीं पढ़ा-लिखा है, उसी समाज में घुल-मिल गया है और वहीं रहने का इरादा रखता है, तो उसे उस राज्य से जुड़ा माना जाना चाहिए।
अंतिम फैसला
इन सभी तथ्यों को देखते हुए हाईकोर्ट ने तहसीलदार द्वारा डोमिसाइल सर्टिफिकेट से इनकार करने के आदेश को रद्द कर दिया।
अदालत ने निर्देश दिया कि सोहन वी.एम. को दो दिनों के भीतर डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी किया जाए, ताकि उनका सेना भर्ती आवेदन समय पर पूरा हो सके।
Case Title: Sohan V.M. v. State of Kerala & Others
Case Number: W.P.(C) No. 1781 of 2026
Date of Judgment: 19 January 2026
Advocates:
- For Petitioner: Adv. Adithya Rajeev, Adv. S. Parvathy
- For State: Smt. Amminikutty K., Senior Government Pleader










