मद्रास हाई कोर्ट ने एक अहम सुनवाई के दौरान अदालत के आदेश की कथित अवहेलना पर कड़ा रुख अपनाते हुए न केवल मूल आरोपी बल्कि इंटरव्यू के होस्ट को भी अवमानना कार्यवाही में शामिल कर लिया। अदालत ने माना कि इंटरव्यू के दौरान दिए गए बयान आदेश की गलत व्याख्या करते हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला जी. स्क्वायर रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड बनाम शंकर @ सवुक्कु शंकर से जुड़ा है, जिसमें पहले अदालत ने 26 जून 2023 को एक आदेश पारित किया था। इस आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि संबंधित व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक बयान से पहले आवेदक को नोटिस देगा और उसके जवाब का इंतजार करेगा।
बाद में एक इंटरव्यू के ट्रांसक्रिप्ट को अदालत में प्रस्तुत किया गया, जिसमें आरोप था कि आरोपी ने आदेश की अलग तरह से व्याख्या की और सार्वजनिक रूप से बयान दिए।
Read also:- झारखंड हाई कोर्ट सख्त: 120 दिनों में सभी जिला अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में चालू हों बर्न यूनिट
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति के. कुमारेश बाबू ने इंटरव्यू का अवलोकन किया और पाया कि आरोपी ने यह संकेत दिया कि उसे किसी प्रश्न का उत्तर देने से पहले 72 घंटे तक इंतजार करना होगा।
अदालत ने इस व्याख्या को स्पष्ट रूप से गलत बताया।
अदालत ने कहा,
“अदालत के आदेश में स्पष्ट निर्देश था कि पहले नोटिस दिया जाए और जवाब का इंतजार किया जाए, इसके बाद ही बयान दिया जा सकता है।”
Read also:- इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एफआईआर में केंद्रीय मंत्री के सम्मानसूचक शब्द के न होने पर यूपी पुलिस से सवाल किया
अदालत ने यह भी नोट किया कि इंटरव्यू के होस्ट ने भी बातचीत के दौरान आदेश की व्याख्या पर अपनी राय दी, जिससे स्थिति और जटिल हो गई।
मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब अदालत ने पाया कि इंटरव्यू के होस्ट ने भी आदेश की व्याख्या में भूमिका निभाई।
इस पर अदालत ने स्वतः संज्ञान लेते हुए होस्ट, फेलिक्स जेराल्ड, को भी अवमानना याचिका में पक्षकार बना दिया।
अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि होस्ट ने भी अदालत के आदेश का उल्लंघन किया है।
Read also:- RTE के तहत स्कूल चुनने का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं: दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया, अपील खारिज।
अदालत ने नव-जोड़े गए प्रतिवादी (होस्ट) को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया और पूछा कि उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही क्यों न चलाई जाए।
साथ ही, मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 अप्रैल 2026 की तारीख तय की गई।
अदालत ने यह भी अनुमति दी कि निजी नोटिस भी जारी किया जा सकता है।
Case Details
Case Title: G.Square Realtors Pvt. Ltd. vs Shankar @ Savukku Shankar
Case Number: Cont.P. No. 659 of 2024
Judge: Justice K. Kumaresh Babu
Decision Date: 27 March 2026
Counsels:
- For Petitioner: Mr. K. Surendar
- For Respondent: Mr. C. Vigneswaran










