सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में पत्नी की परेशानी को देखते हुए वैवाहिक विवाद से जुड़ा मामला चेन्नई से महाराष्ट्र के कल्याण स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। अदालत ने माना कि लंबी दूरी और मानसिक तनाव के कारण महिला के लिए केस लड़ना मुश्किल हो रहा था।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला Subashini Pillai बनाम Velayutham से जुड़ा है। पति द्वारा दायर विवाह संबंधी याचिका (H.M.O.P. No. 4019/2022) चेन्नई की फैमिली कोर्ट में लंबित थी। पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर पिटिशन दाखिल कर मांग की थी कि मामला उनके निवास स्थान - कल्याण, महाराष्ट्र - में सुना जाए।
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याचिका में कहा गया कि पति के व्यवहार से वह मानसिक रूप से परेशान हैं और इतनी दूर जाकर पेशी देना उनके लिए संभव नहीं है।
कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने परिस्थितियों पर विचार करते हुए कहा,
“मामले की प्रकृति और याचिकाकर्ता की स्थिति को देखते हुए स्थानांतरण उचित है।”
अदालत ने माना कि न्याय तक आसान पहुंच हर पक्ष का अधिकार है और महिला को अनावश्यक कठिनाई में नहीं डाला जा सकता।
फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसफर याचिका स्वीकार करते हुए चेन्नई स्थित फैमिली कोर्ट से मामला हटाकर कल्याण स्थित सक्षम पारिवारिक न्यायालय को सौंपने का आदेश दिया।
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कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि:
- सभी रिकॉर्ड जल्द से जल्द ट्रांसफर किए जाएं
- दोनों पक्ष 25 फरवरी 2026 को संबंधित अदालत में उपस्थित हों
- पति चाहें तो वर्चुअल माध्यम से पेश हो सकते हैं
साथ ही, लंबित सभी आवेदन स्वतः समाप्त कर दिए गए।
Case Title: Subashini Pillai vs Velayutham
Case No.: Transfer Petition (Civil) No. 240/2026
Decision Date: 28 January 2026










