सुप्रीम कोर्ट ने HT Media Limited को बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि किसी कार्यक्रम में वक्ताओं (Speakers) को बुलाने के लिए की गई बुकिंग को “इवेंट मैनेजमेंट सर्विस” नहीं माना जा सकता। अदालत ने इस आधार पर सेवा कर (Service Tax) की मांग को खारिज कर दिया।
यह फैसला HT Media बनाम प्रिंसिपल कमिश्नर, दिल्ली GST मामले में आया, जिसमें 60 लाख रुपये से अधिक के सर्विस टैक्स की मांग की गई थी।
मामला कैसे शुरू हुआ
HT Media हर साल Hindustan Times Leadership Summit आयोजित करता है। इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय स्तर के वक्ताओं को आमंत्रित किया जाता था, जैसे-
- टोनी ब्लेयर
- अल गोर
- जैरी लिनेंजर
इन वक्ताओं को बुलाने के लिए कंपनी ने विदेशी स्पीकर बुकिंग एजेंसियों से अनुबंध किए थे।
विभाग का आरोप था कि इन एजेंसियों को दिया गया भुगतान “Event Management Service” के तहत आता है, जिस पर सर्विस टैक्स बनता है। इसी आधार पर 2009 से 2012 की अवधि के लिए टैक्स मांग की गई।
राजस्व विभाग ने दलील दी कि-
- वक्ताओं की मौजूदगी ही पूरा इवेंट बनाती है
- एजेंसियां वक्ताओं को उपलब्ध कराकर इवेंट मैनेजमेंट सेवा दे रही थीं
- इसलिए यह सेवा Section 65(105)(zu) के तहत टैक्स योग्य है
विभाग ने यह भी कहा कि एजेंसियां केवल प्रतिनिधि नहीं थीं, बल्कि स्वतंत्र रूप से सेवा दे रही थीं।
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HT Media की दलील
HT Media की ओर से अदालत में कहा गया कि-
- एजेंसियां सिर्फ वक्ताओं की बुकिंग करती थीं
- वे न तो कार्यक्रम का आयोजन करती थीं
- न ही मंच, प्रचार, टिकट, साज-सज्जा या प्रबंधन से जुड़ी थीं
- इसलिए उन्हें “Event Manager” नहीं कहा जा सकता
कंपनी ने यह भी कहा कि वक्ता बुलाना और इवेंट मैनेज करना दो अलग चीजें हैं।
सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने कहा:
“केवल वक्ता को बुलाना या उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करना, इवेंट मैनेजमेंट नहीं कहा जा सकता।”
अदालत ने साफ किया कि-
- इवेंट मैनेजमेंट का अर्थ होता है कार्यक्रम की योजना, आयोजन, प्रचार और संचालन
- स्पीकर बुकिंग इन गतिविधियों में शामिल नहीं है
- एजेंट सिर्फ वक्ता और आयोजक के बीच संपर्क का माध्यम थे
पीठ ने यह भी कहा कि
“कर कानूनों की सख्त व्याख्या होनी चाहिए। जब कानून में साफ तौर पर टैक्स का प्रावधान न हो, तो टैक्स नहीं लगाया जा सकता।”
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अंतिम फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने:
- CESTAT का आदेश रद्द कर दिया
- HT Media पर लगाया गया सर्विस टैक्स हटाया
- कहा कि यह Event Management Service नहीं है
- अपील को पूरी तरह स्वीकार किया
अदालत ने स्पष्ट किया कि स्पीकर की मौजूदगी से इवेंट महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन इससे एजेंसी इवेंट मैनेजर नहीं बन जाती।
Case Title: HT Media Limited vs Principal Commissioner, Delhi GST
Case No.: Civil Appeal Nos. 23525–23526 of 2017
Decision Date: 16 January 2026










